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2005 में क्रिकेट सीरीज देखने आए 56 गुम पाकिस्तानियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ढूंढने का हुक्म
उमेश शर्मा, मुरादाबाद
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:50 AM IST
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Rajnath Singh
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साल 2005 में भारत-पाक क्रिकेट सीरीज देखने के बहाने देश में दाखिल हुए 56 पाकिस्तानी गुम हो गए थे। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इनमें से कई लोग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक की पाठशालाएं (स्लीपिंग मॉड्यूल) चला रहे हैं। ये पाकिस्तान में मौजूद अपने आकाओं के इशारे पर भोले-भाले युवाओं को बरगला कर आतंकी गतिविधियों में धकेलने का काम कर रहे हैं।
गृह मंत्रालय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को लापता पाकिस्तानियों की सूची के साथ ही उनके पासपोर्ट और वीजा नंबर भेजकर इन्हें खोजने का हुक्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के सर्कुलर में बताया गया है कि क्रिकेट मैच देखने आए पाकिस्तानियों की संख्या करीब छह हजार थी। बाकी तो सीरीज खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट गए लेकिन 56 पाक नागरिक अपने देश नहीं लौटे।
खुफिया एजेंसियों को मिले गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार मोहाली से 11, बंगलौर से 29 तथा दिल्ली व कानपुर से 16 पाकिस्तानी नागरिक स्थानीय खुफिया एजेंसियों की आंखों से ओझल हो गए थे। इनका आज तक पता नहीं चल सका है। ये न तो आज तक पाकिस्तान लौटे और न ही देश में कहीं पुलिस या खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़े हैं। इन सभी के वीजा एक्सपायर हो चुके हैं।
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लापता होने वाले पाक नागरिकों में लाहौर, इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के तमाम शहरों के नागरिक शामिल हैं। गृह मंत्रालय के ताजा पत्र में आशंका जताई गई है कि ये पाकिस्तानी नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और वेस्ट यूपी के शहर और कस्बों में बेहद गोपनीय तरीके से आतंकी ऑपरेशन चला रहे हैं। लापता पाकिस्तानियों में से अधिकांश युवा हैं और वेस्ट यूपी में युवाओं को बरगला कर आतंक की राह पर भेजने की कोशिशों में जुटे हैं।
मोहाली से लापता पाकिस्तानी
मलिक जैब आलम पुत्र मलिक मुकीहर अहमद, शहजाद पुत्र जब्बार अली, कय्यूम पुत्र मुहम्मद अय्यूब, नबार खान पुत्र नबाव खान, सैयद मुहम्मद पुत्र नायर मुहम्मद, इब्राहीम खान पुत्र बहाउद्दीन, इनायत पुत्र खुर्शीद, तस्वीज खान पुत्र अख्तर खान, मुहम्मद जाहिर पुत्र जाहिद, मुहम्मद कामरान पुत्र मुहम्मद जाहिद।
दिल्ली और कानपुर से लापता पाक नागरिक
मुहम्मद शमी पुत्र मुहम्मद शफी, मुहम्मद उस्मान पुत्र मुहम्मद शाहिद , शमशाद पुत्र बजरूद्दीन , खालिद पुत्र अब्दुल हकीम, इम्मितयाज पुत्र इम्तियाज अहमद, रिजवान अली पुत्र अब्दुल अली, नबीर अब्बास पुत्र नायर अब्बास, हमीद उल्ला खां पुत्र मुहम्मद असलम खान आदि।
कोट- लापता पाकिस्तानियों को खोजने के लिए एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। यह गोपनीय मामला है। इसलिए इसे लेकर कोई भी तथ्य मीडिया या अन्य किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जा सकता।
जुगल किशोर, एसपी इंटेलिजेंस
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गृह मंत्रालय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को लापता पाकिस्तानियों की सूची के साथ ही उनके पासपोर्ट और वीजा नंबर भेजकर इन्हें खोजने का हुक्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय के सर्कुलर में बताया गया है कि क्रिकेट मैच देखने आए पाकिस्तानियों की संख्या करीब छह हजार थी। बाकी तो सीरीज खत्म होने के बाद पाकिस्तान लौट गए लेकिन 56 पाक नागरिक अपने देश नहीं लौटे।
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खुफिया एजेंसियों को मिले गृह मंत्रालय के पत्र के अनुसार मोहाली से 11, बंगलौर से 29 तथा दिल्ली व कानपुर से 16 पाकिस्तानी नागरिक स्थानीय खुफिया एजेंसियों की आंखों से ओझल हो गए थे। इनका आज तक पता नहीं चल सका है। ये न तो आज तक पाकिस्तान लौटे और न ही देश में कहीं पुलिस या खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़े हैं। इन सभी के वीजा एक्सपायर हो चुके हैं।
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लापता होने वाले पाक नागरिकों में लाहौर, इस्लामाबाद सहित पाकिस्तान के तमाम शहरों के नागरिक शामिल हैं। गृह मंत्रालय के ताजा पत्र में आशंका जताई गई है कि ये पाकिस्तानी नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और वेस्ट यूपी के शहर और कस्बों में बेहद गोपनीय तरीके से आतंकी ऑपरेशन चला रहे हैं। लापता पाकिस्तानियों में से अधिकांश युवा हैं और वेस्ट यूपी में युवाओं को बरगला कर आतंक की राह पर भेजने की कोशिशों में जुटे हैं।
मोहाली से लापता पाकिस्तानी
मलिक जैब आलम पुत्र मलिक मुकीहर अहमद, शहजाद पुत्र जब्बार अली, कय्यूम पुत्र मुहम्मद अय्यूब, नबार खान पुत्र नबाव खान, सैयद मुहम्मद पुत्र नायर मुहम्मद, इब्राहीम खान पुत्र बहाउद्दीन, इनायत पुत्र खुर्शीद, तस्वीज खान पुत्र अख्तर खान, मुहम्मद जाहिर पुत्र जाहिद, मुहम्मद कामरान पुत्र मुहम्मद जाहिद।
दिल्ली और कानपुर से लापता पाक नागरिक
मुहम्मद शमी पुत्र मुहम्मद शफी, मुहम्मद उस्मान पुत्र मुहम्मद शाहिद , शमशाद पुत्र बजरूद्दीन , खालिद पुत्र अब्दुल हकीम, इम्मितयाज पुत्र इम्तियाज अहमद, रिजवान अली पुत्र अब्दुल अली, नबीर अब्बास पुत्र नायर अब्बास, हमीद उल्ला खां पुत्र मुहम्मद असलम खान आदि।
कोट- लापता पाकिस्तानियों को खोजने के लिए एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। यह गोपनीय मामला है। इसलिए इसे लेकर कोई भी तथ्य मीडिया या अन्य किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जा सकता।
जुगल किशोर, एसपी इंटेलिजेंस