अरुण जेटली बोले- 22500 ATM नए नोटों के लिए तैयार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि अगले सप्ताह से विपक्ष के पास नोटबंदी का मुद्दा नहीं रहेगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार इसको लेकर लगातार संवेदनशील है। वित्त मंत्रालय, रिजर्व बैक, बैंक और एजेंसियां तालमेल बनाकर तेजी से काम कर रही हैं। एटीएम के रीकैलीब्रेशन का काम चल रहा है और इस सप्ताह के अंत तक अच्छे नतीजे आने की उम्मीद है।
संसद भवन परिसर में बातचीत के दौरान जेटली ने कहा कि बृहस्पतिवार सुबह तक देश में करीब 22500 एटीएम का रीकैलीब्रेशन किया जा चुका है। एक एटीएम के रीकैलीब्रेशन में करीब 25 मिनट का समय लग रहा है। इस तरह से हमें उम्मीद है कि सप्ताहांत तक बड़ी संख्या में एटीएम 500 और 2000 के नोट उपलब्ध कराने लगेंगे।वित्तमंत्री का अनुमान है कि ऐसा होने के बाद सामान्य लोगों की परेशानी काफी कम हो जाएगी।
इसके बाद विपक्ष के पास भी लोगों की परेशानी को लेकर कुछ कहने को नहीं रह जाएगा। रहा सवाल सरकार का तो वह कालाधन रखने वालों को कदापि बख्शने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोगों की परेशानी समझते हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार कालेधन को लेकर संवेदनशील है। हम इसको लेकर लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं। रिजर्व बैक की गाइडलाइन में बदलाव को भी उन्होंने इसी का हिस्सा बताया। जेटली ने कहा कि बैंक में पुराने नोटों को जमा कराने, बदलवाने में भी कालाधन रखने वालों के सक्रिय होने की जानकारी मिल रही है। इसे देखते हुए सरकार सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।
ये बोले जेटली
-बड़े डिफाल्टरों के लोन माफ नहीं किए, उनसे रिकवरी की कोशिश की जा रही है, विपक्ष अफवाह फैला रहा है
-एटीएम में बदलाव के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है, लोगों की दिक्कत बहुत जल्द दूर हो जाएंगी
-4500 रुपये बदलवाने के सरकार के फैसले का दुरुपयोग हो रहा था इसलिए इसकी सीमा घटाई गई
-नोट बैन की खबर लीक होने की बात पूरी तरह गलत
-बैंकों में खूब पैसा आ रहा है, अगले कुछ दिनों में दुनिया का करेंसी रिप्लेसमेंट का सबसे बड़ा अभियान पूरा हो जाएगा
-सभी को नोटबंदी का समर्थन करना चाहिए, इससे लोगों की जिंदगी में अच्छे बदलाव आएंगे
-सरकार वापस नहीं लेगी नोटबंदी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मांग पर कोई विचार नहीं होगा
-कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाया, कहा- आखिर किस वजह से वह इसका विरोध कर रही है
-मामले में संयुक्त संसदीय समिति के गठन की कोई जरूरत नहीं