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हिमाचल में कांग्रेस को भारी पड़ सकता है जीएसटी-नोटबंदी का विरोध
संजय मिश्र / अमर उजाला
Updated Sat, 04 Nov 2017 02:36 PM IST
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जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दे को लेकर देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच बेशक सियासी संग्राम छिड़ा हुआ हो लेकिन चुनावी राज्य हिमाचल में जनता के बीच यह मुद्दा नहीं है। मोदी सरकार के जरिये आर्थिक सुधार की खातिर लिए गए इन फैसलों (नोटबंदी और जीएसटी) को जनता का साथ मिल रहा है।
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इस वजह से कांग्रेस पार्टी खुद ही घिरती नजर आ रही है। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी जीएसटी और नोटबंदी को लेकर भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रही है, तो हिमाचल में जहां कांग्रेस की सरकार है वहां हो रहे चुनाव में पार्टी के नेता खुद ही इन मुद्दों से बचते दिखाई दे रहे हैं।
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नोटबंदी से रुकेगी कालाबाजारी
हिमाचल प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जीएसटी और नोटबंदी के कदम पर सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त नजर आ रहा है। हिमाचल की चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला ने अलग-अलग जगहों पर जीएसटी और नोटबंदी के फैसलों पर व्यापारी और आम जनता की राय जानी। अधिकांश राय जीएसटी और नोटबंदी के पक्ष में नजर आई। व्यापारी वर्ग के अधिकांश लोगों ने जीएसटी से कोई परेशानी न होने की बात कही तो आम जनता को नोटबंदी का कदम अब भी सही नजर आ रहा है।
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पढ़ें: हिमाचल चुनावः भाजपा स्टार प्रचारकों के बीच चुनावी मोर्चे पर अकेले डटे वीरभद्र सिंह
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हमीरपुर के सुरेश कुमार का कहना है कि नोटबंदी के शुरू के दिनों में नकद की किल्लत हुई थी। उसके चंद दिनों के बाद सब ठीक हो गया। सरकार के इस फैसले से नुकसान के सवाल पर सुरेश ने कहा कि इससे बड़े लोगों को दिक्कत हुई होगी। हमें और आम आदमी को नहीं।
इससे कालाबाजारी रुकेगी। पर्यटकों को टैक्सी और होटल की सुविधा प्रदान करने वाले कांगड़ा के नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही पर जीएसटी का असर नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले की तरह लोग कैश और डिजिटल दोनों ही माध्यमों से बुकिंग का पेमेंट करते हैं।
जरूरी है सूबे में सत्ता का बदलाव
ज्वालाजी रोड नादौन पर सिथित सिद्धम टाइल्स एवं मार्बल्स दुकान पर कार्य करने वाले प्रकाश चंद का कहना है कि जीएसटी से बिक्री पर कोई गिरावट नहीं है। उनका कहना है कि नोटबंदी का असर टाइल्स व्यवसाय पर थोड़े दिनों का था।
विपक्ष के जरिये सरकार को नोटबंदी और जीएसटी पर घेरे जाने के मामले पर ज्वालाजी के आशीष जैन का कहना है कि ये विपक्ष का प्रॉपेगंडा है, व्यवसाय पर इसका विपरीत असर नहीं है। कपड़े की दुकान चला रहे जैन का कहना है कि वे स्थानीय विधायक के कार्यों से खुश हैं, लेकिन जीएसटी और नोटबंदी यहां के चुनाव में मुद्दा नहीं है।
ज्वालाजी से स्थानीय विधायक संजय रत्न हैं। कांग्रेस ने उन्हें इस दफे भी मैदान में उतारा है। ज्वालामुखी के जितेंद्र कटोच एमसीए की पढ़ाई करने के बाद कंप्यूटर केंद्र चलाते हैं। कटोच वैसे तो पीएम मोदी के मुरीद हैं, लेकिन नोटबंदी को लेकर मन मे कसक जरूर है। उनका कहना है कि नोटबंदी से हुए लाभ को आम जनता तक नहीं पहुंचाया जा सका है। बावजूद उसके वे सूबे में सत्ता के बदलाव को जरूरी मान रहे हैं।
ऊना की तृषा वैसे तो कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार करती दिखीं, लेकिन बातचीत में कहती हैं कि जीएसटी से संतुष्ट हैं। धर्मशाला के द पवेलियन होटल में कार्य करने वाले अंशू कुमार का कहना है कि जीएसटी से पर्यटकों के आगमन पर कोई असर नहीं है। शुरू के दिनों में जीएसटी की वजह से बढ़े टैक्स दर के बारे में थोड़ा सा लोगों को समझाना पड़ता था, मगर अब कोई कठिनाई नहीं है।
कहीं उल्टे न पड़ जाए ये मुद्दे
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी हिमाचल के चुनाव में मुद्दा नहीं है। अगर कांग्रेस पार्टी यह मुद्दा उठाएगी तो उसे उल्टा पड़ेगा। उधर कांग्रेस भी राज्य में इसे मुद्दा बनाती नहीं दिख रही है। केंद्र के बड़े नेता अब तक कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने नहीं उतरे हैं।
विपक्ष के जरिये सरकार को नोटबंदी और जीएसटी पर घेरे जाने के मामले पर ज्वालाजी के आशीष जैन का कहना है कि ये विपक्ष का प्रॉपेगंडा है, व्यवसाय पर इसका विपरीत असर नहीं है। कपड़े की दुकान चला रहे जैन का कहना है कि वे स्थानीय विधायक के कार्यों से खुश हैं, लेकिन जीएसटी और नोटबंदी यहां के चुनाव में मुद्दा नहीं है।
ज्वालाजी से स्थानीय विधायक संजय रत्न हैं। कांग्रेस ने उन्हें इस दफे भी मैदान में उतारा है। ज्वालामुखी के जितेंद्र कटोच एमसीए की पढ़ाई करने के बाद कंप्यूटर केंद्र चलाते हैं। कटोच वैसे तो पीएम मोदी के मुरीद हैं, लेकिन नोटबंदी को लेकर मन मे कसक जरूर है। उनका कहना है कि नोटबंदी से हुए लाभ को आम जनता तक नहीं पहुंचाया जा सका है। बावजूद उसके वे सूबे में सत्ता के बदलाव को जरूरी मान रहे हैं।
ऊना की तृषा वैसे तो कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार करती दिखीं, लेकिन बातचीत में कहती हैं कि जीएसटी से संतुष्ट हैं। धर्मशाला के द पवेलियन होटल में कार्य करने वाले अंशू कुमार का कहना है कि जीएसटी से पर्यटकों के आगमन पर कोई असर नहीं है। शुरू के दिनों में जीएसटी की वजह से बढ़े टैक्स दर के बारे में थोड़ा सा लोगों को समझाना पड़ता था, मगर अब कोई कठिनाई नहीं है।
कहीं उल्टे न पड़ जाए ये मुद्दे
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी हिमाचल के चुनाव में मुद्दा नहीं है। अगर कांग्रेस पार्टी यह मुद्दा उठाएगी तो उसे उल्टा पड़ेगा। उधर कांग्रेस भी राज्य में इसे मुद्दा बनाती नहीं दिख रही है। केंद्र के बड़े नेता अब तक कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने नहीं उतरे हैं।