फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Operation Sindoor showed how India responds to provocation, says Army Chief at Passing-out Parade

Army Chief: 'ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी, जरूरत पड़ी तो सिंदूर 2.0 के लिए भी तैयार', सेना प्रमुख का बड़ा बयान

Sat, 30 May 2026 09:33 AM IST
रिया दुबे पुणे, पीटीआई
पुणे, पीटीआई Published by: रिया दुबे Updated Sat, 30 May 2026 09:33 AM IST
सार

एनडीए के 150वें कोर्स की पासिंग-आउट परेड को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह मानक स्थापित किया है कि भारत उकसावे का जवाब सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ कैसे देता है। इसके अलावा सेना प्रमुख ने भविष्य की लड़ाइयों और सेना की तैयारियों पर भी बात की।

विज्ञापन
Operation Sindoor showed how India responds to provocation, says Army Chief at Passing-out Parade
जनरल उपेंद्र द्विवेदी क्या बोले? - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाएं किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' करने के लिए भी तैयार हैं। पुणे के खडकवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में जनरल द्विवेदी ने कहा कि फिलहाल शत्रुता पर अस्थायी विराम है, लेकिन सेना पूरी सतर्कता के साथ तैयारियों में जुटी हुई है।

विज्ञापन

'ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी'

उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। फिलहाल संघर्षविराम जैसी स्थिति है। इसलिए भारतीय सेना और तीनों सेनाएं संभावित ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयारी कर रही हैं। वर्तमान में हमारा फोकस तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और भविष्य के युद्धों के लिए खुद को तैयार करने पर है।' सेना प्रमुख ने कहा कि युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और भविष्य के संघर्ष केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा, 'भविष्य के युद्धों में अंतरिक्ष, साइबर और सूचना युद्ध जैसी नई चुनौतियां बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।'

विज्ञापन






उन्होंने कहा, 'विजय हमेशा दिमाग में हासिल होती है, जमीन पर नहीं। सूचना युद्ध तभी सफल होता है जब पूरा देश एकजुट हो और सही सूचना देने वाले संस्थानों पर भरोसा करे। जिस राष्ट्र के नागरिक एक-दूसरे और अपने संस्थानों पर विश्वास करते हैं, वह युद्ध में हमेशा विजयी होता है।' जनरल द्विवेदी ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने यह साबित किया है कि भारत जरूरत पड़ने पर सटीक, संतुलित और निर्णायक जवाब देने में सक्षम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'ऑपरेशन सिंदूर ने एक मानक तय किया'

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि जब राष्ट्र की इच्छाशक्ति सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त होती है, तो भारत उकसावे का जवाब किस तरह देता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देश की सैन्य प्रतिक्रिया का नया मानक स्थापित किया है और अब इस मानक को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा सैन्य अधिकारियों की होगी।

दुनिया में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही

परेड को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज की दुनिया में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। खतरे अब हमेशा वर्दी पहनकर या किसी घोषित मोर्चे से नहीं आते। विवादित ग्रे-जोन से लेकर तेज रफ्तार हाइब्रिड युद्ध तक, मौजूदा सुरक्षा वातावरण में सैनिकों को त्वरित और रणनीतिक सोच के साथ कार्य करना होगा।

कंधे से कंधा मिलाकर देश की सेवा करनी होगी 

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई गई तीनों सेनाओं की समन्वित और एकीकृत प्रतिक्रिया उसी संयुक्तता का परिणाम थी, जिसकी नींव एनडीए में पहले दिन से रखी जाती है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि भविष्य में चाहे वे किसी भी सैन्य सेवा में जाएं, उन्हें फिर से कंधे से कंधा मिलाकर देश की सेवा करनी होगी।

सैनिकों को ड्रोन संचालित करने में सक्षम होना चाहिए

द्विवेदी ने कहा है कि भविष्य के युद्धों को देखते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के हर सैनिक के पास ड्रोन संचालित करने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना इस दिशा में लगातार काम कर रही है और जवानों को ड्रोन, सिमुलेटर व ड्रोन-रोधी तकनीकों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ी है और सेना अपने सैनिकों को इस नई चुनौती के लिए तैयार कर रही है।

उन्होंने बताया कि सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद उन्होंने 'ईगल ऑन द आर्म' की अवधारणा पेश की थी। इसका मतलब यह है कि हर सैनिक के हाथ में एक "ईगल" यानी ड्रोन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां ईगल से उनका आशय पक्षी नहीं, बल्कि ड्रोन तकनीक से है।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि हर सैनिक को ड्रोन चलाने और उसका प्रभावी उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी दक्षता और ड्रोन संचालन की क्षमता सैनिकों की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल होगी।

जनरल द्विवेदी ने अपने अनुभव किए साझा

इस अवसर को भावुक और व्यक्तिगत बताते हुए जनरल द्विवेदी ने याद किया कि वे स्वयं 42 वर्ष पहले इसी क्वार्टरडेक से पास आउट हुए थे। उन्होंने कहा कि आज मैं वर्दी में अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा हूं, जबकि आप अपनी सैन्य यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यहां जो शुरुआत होती है, वह जीवनभर साथ रहती है।

कैडेट्स के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दी बधाई 

सेना प्रमुख ने परेड कमांडर और सभी कैडेट्स की उत्कृष्ट ड्रिल और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने चीता स्क्वाड्रन को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए विजेता बैनर हासिल करने पर विशेष प्रशंसा व्यक्त की। जनरल द्विवेदी ने 12 मित्र देशों से आए 24 विदेशी कैडेट्स का भी उल्लेख किया, जो इस कोर्स के साथ पास आउट हुए। उन्होंने कहा कि आप भले ही अलग-अलग देशों और संस्कृतियों से आए हों, लेकिन यहां से आप समान मूल्यों, समान प्रशिक्षण और समान उद्देश्य के साथ निकल रहे हैं।



एनडीए के 150वें कोर्स की यह पासिंग-आउट परेड भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने जा रहे युवा अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही, जहां सेना प्रमुख ने उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से मिली प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed