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वो मनोहर परिकर ही थे जिन्होंने सबसे पहले देखा नरेंद्र मोदी में 'प्रधानमंत्री'
Sun, 17 Mar 2019 11:24 PM IST
Prabudhh Jain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Sun, 17 Mar 2019 11:24 PM IST
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मनोहर परिकर (फाइल फोटो)
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साल 2013 में वो मनोहर परिकर ही थे जिन्होंने नरेंद्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तावित किया था। तब नरेंद्र मोदी को लेकर बुरी तरह बंटी भाजपा में वो पहले बड़े नेता थे जो खुलकर मोदी के समर्थन में सामने आए। उस समय नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक क्षमताओं और उनकी लोकप्रियता की तारीफ करते हुए परिकर ने कहा था कि प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में मोदी का चेहरा 2014 के चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को विस्तार देगा।
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उन्होंने उस समय पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "मोदी जी का चेहरा लोकसभा चुनाव से 6 महीने पहले सबके सामने आना ही चाहिए ताकि उस जनता के जेहन में स्पष्टता रहे जिसे वैसे भी शक-शुबह पसंद नहीं। मुझे लोगों से यही राय मिल रही है। मैं जानता हूं क्या सही है और क्या गलत।" परिकर के सारे बयान उस वक्त सामने आए जब गोवा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बेहद अहम बैठक चल रही थी। इसी बैठक में लोकसभा चुनाव 2014 की रणनीति और चेहरा तय होना था।
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सहयोगियों के बीच मोदी की स्वीकार्यता के बारे में पूछे जाने पर भी परिकर ने खुलकर मोदी का समर्थन किया और कहा कि सरकार बनाने के लिए पहले लोकप्रियता जरूरी है और फिर संख्याबल। स्वीकार्यता, बाद में आती है। उसका महत्व तब है जब आपके पास संख्या हो।
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2013 में गोवा की अहम बैठक के समय वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मोदी के नाम पर सहमत नहीं थे। न ही जब मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष चुना गया, वो वहां मौजूद थे। बल्कि बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने पार्टी के 3 पदों से इस्तीफा भी दे दिया था। हालांकि, तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। बाद में कई नेताओं के मनाने के बाद जाकर आडवाणी माने थे। लेकिन ये सच है कि वो परिकर ही थे जिन्होंने सबसे पहले नरेंद्र मोदी का खुलकर समर्थन किया और उनमें भरोसा जताया।