एक से अधिक पत्नियां तो पहली को मिलेगी पेंशन: अदालत
- बशर्ते कर्मचारी ने किसी एक पत्नी को सर्विस रिकार्ड में नामित न किया हो
- फर्रुखाबाद की मीना देवी की विशेष अपील पर सुनवाई
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यदि किसी सरकारी कर्मचारी की एक से अधिक पत्नियां हैं तो कर्मचारी की मृत्यु पर प्रथम विवाहित पत्नी को ही पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा। बशर्ते कर्मचारी ने किसी एक पत्नी को सर्विस रिकार्ड में नामित न किया हो।
यहां ज्येष्ठ पत्नी से तात्पर्य उस पत्नी से जिससे सबसे पहले विवाह हुआ हो भले ही वह आयु में अन्य से कम हो। अन्य सेवानिवृत्ति परिलाभों के संबंध में कोर्ट ने कहा है कि ग्रेच्युटी, फंड आदि का लाभ उसी पत्नी को मिलेगा जिसे कर्मचारी ने सर्विस रिकार्ड में नामित किया है। यदि किसी को नामित नहीं किया है तो इसका लाभ ज्येष्ठ पत्नी को ही मिलेगा।
फर्रुखाबाद की मीना देवी की विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने यह व्यवस्था दी है। मीना देवी के पति पुलिस विभाग में सबइंस्पेक्टर थे। उनके पति ने दो और शादियां की थीं। पति की मृत्यु पर पेंशन और अन्य परिलाभों के लिए तीनों पत्नियों ने दावा पेश किया। संबंधित एसपी ने इस मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंप दी।
तीनों पत्नियों में विवाद
क्षेत्राधिकारी ने रिपोर्ट दी कि तीनों पत्नियों में विवाद है। वह समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। कोर्ट के आदेश पर ही कोई फैसला हो सकता है। मीना देवी ज्येष्ठ पत्नी थीं। उसने हाईकोर्ट में एकलपीठ के समक्ष याचिका दाखिल की मगर एकल पीठ में भी मामला तय न हो पाने विशेष अपील दाखिल की गई।
स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने कोर्ट के समक्ष पारिवारिक पेंशन से संबंधित नियमावली प्रस्तुत की। उन्होंने विभागीय सकुर्लर प्रस्तुत कर बताया कि यह सकुर्लर रिटायरमेंट बनीफिट रूल्स 1961 के प्रावधानों के अनुसार है।
इसके अनुसार जहां कर्मचारी की एक से अधिक पत्नियां हैं वहां ज्येष्ठ पत्नी परिलाभों की हकदार होगी। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए संबंधित एसपी को इस आदेश के आलोक में पेंशन का मामला तीन माह में तय करने को कहा है।