One Nation-One Election: PM मोदी बोले-लोकतंत्र को अधिक जीवंत करने की दिशा में अहम कदम, जानें किसने क्या कहा?
One Nation-One Election:'वन नेशन-वन इलेक्शन' के मसौदे को आज मोदी सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि, यह लोकतंत्र को मजबूत करने की ओर एक अहम कदम है।
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कोविंद समिति की सिफारिशों पर प्रधानमंत्री क्या बोले?
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, कैबिनेट ने एक साथ चुनाव कराने संबंधी उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। मैं इस प्रयास की अगुआई करने और विभिन्न हितधारकों से परामर्श करने के लिए हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी की सराहना करता हूं। यह हमारे लोकतंत्र को और भी अधिक जीवंत और सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गृह मंत्री शाह ने बताया परिवर्तनकारी सुधार
The Cabinet has accepted the recommendations of the High-Level Committee on Simultaneous Elections. I compliment our former President, Shri Ram Nath Kovind Ji for spearheading this effort and consulting a wide range of stakeholders.विज्ञापन विज्ञापन
This is an important step towards making our…— Narendra Modi (@narendramodi) September 18, 2024
कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, 'पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत परिवर्तनकारी सुधारों का गवाह बन रहा है। आज, इस दिशा में, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एक राष्ट्र, एक चुनाव पर उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के साथ, भारत ऐतिहासिक चुनाव सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। यह स्वच्छ और वित्तीय रूप से कुशल चुनावों के माध्यम से हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने और संसाधनों के अधिक उत्पादक आवंटन के माध्यम से आर्थिक विकास में तेजी लाने की मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी का मजबूत विरोध
तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से निर्वाचित ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने देश में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का मजबूती से विरोध किया। उन्होंने भी एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैंने लगातार एक राष्ट्र एक चुनाव का विरोध किया है। उन्होंने अंग्रेजी के वाक्यांश- समस्या खड़ी करने वाला समाधान (solution in search of a problem) का उल्लेख किया और कहा कि इस फैसले से देश का संघवाद नष्ट होता है। इस फैसले को लागू किए जाने का मतलब भारत के लोकतंत्र और संविधान के मूल ढांचे से समझौता करना है।
ओवैसी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और शाह को छोड़कर बाकी राजनैतिक लोगों के लिए कई बार चुनाव कराया जाना कोई समस्या नहीं हैं। उन्होंने कहा, केवल इसलिए कि उन्हें (मोदी-शाह) को नगरपालिका और स्थानीय निकाय चुनावों में भी प्रचार करना है, इसका ये मतलब बिलकुल नहीं हो सकता कि पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की जरूरत हो। बकौल ओवैसी, देश में नियमित अंतराल पर लगातार और समय-समय पर होने वाले चुनाव लोकतांत्रिक जवाबदेही बेहतर बनाते हैं।
शिवराज बोले- हमेशा होने वाले चुनाव देश के प्रगति में बाधक
केंद्रीय मंत्रिमंडल में 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को मंजूरी दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "आज मैं मन से बहुत प्रसन्न हूं, आज कैबिनेट ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में बहुत बड़ा फैसला किया है। हमेशा होने वाले चुनाव देश के प्रगति में बाधक थे इस देश में 24 घंटे चुनाव की तैयारी चलती रहती है....इसलिए विकास के बड़े फैसले नहीं लिए जा पाते। मैं पीएम मोदी को दिल से बधाई देता हूं ऐसा फैसला उनके नेतृत्व में ही हो सकता है। सभी मिलकर इसका समर्थन करें।
यह निर्णय 'मील का पत्थर' सिद्ध होगा: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि एक समृद्ध लोकतंत्र के लिए राजनीतिक स्थिरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। योगी ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में आज केंद्रीय कैबिनेट द्वारा एक देश, एक चुनाव प्रस्ताव को दी गई मंजूरी अभिनंदनीय है। देश में राजनीतिक स्थिरता, सतत विकास और समृद्ध लोकतंत्र की सुनिश्चितता में यह निर्णय 'मील का पत्थर' सिद्ध होगा। इस युगांतरकारी निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार! उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिखा कि बहुप्रतीक्षित एवं ऐतिहासिक कदम ! नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में 'एक देश - एक चुनाव' के प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत किया जाना स्वागत योग्य निर्णय है।
इस फैसले पर क्या बोला विपक्ष-
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'एक देश-एक चुनाव' व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव नजदीक आते हैं, तो असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा ऐसी बातें करती है। वहीं इस मामले पर बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा कि, ’एक देश, एक चुनाव’ की व्यवस्था के तहत देश में लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा आज दी गयी मंजूरी पर हमारी पार्टी का स्टैण्ड सकारात्मक है, लेकिन इसका उद्देश्य देश व जनहित में होना ज़रूरी।
वन नेशन वन इलेक्शन पर राजद नेता मनोज कुमार झा ने कहा, "इस देश में वन नेशन वन इलेक्शन था, मोदी जी कोई नायाब हीरा नहीं ला रहे हैं। 1962 के बाद वह क्यों हटा क्योंकि एकल पार्टी का प्रभुत्व खत्म होने लगे... मैं पहले इसका मसौदा देखूंगा। मान लीजिए- चुनाव होते हैं, उत्तर प्रदेश में बनी हुई सरकार गिर जाती है तो फिर क्या होगा? क्या आप राष्ट्रपति शासन लगाएंगे? क्या राज्यपाल के माध्यम से अगले चुनाव तक व्यवस्था होगी या फिर से चुनाव होंगे?... ये(भाजपा) लोग ध्यान भटकाने में माहिर हो गए हैं कि कैसे मौलिक चीज़ों से ध्यान हटाया जाए। आज देश को रोजगार चाहिए... क्या वन नेशन वन इलेक्शन रोजगार की करोड़ों संभावनाएं बना देगा?... आप खत्म हो जाएंगे लेकिन विविधता बरकरार रहेगी।