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ओडिशा में आठ साल बाद हुए छात्र संघ चुनाव: 153 कॉलेजों के नतीजे घोषित; उत्कल विश्वविद्यालय में क्यों रुकी गणना?
Fri, 16 Oct 2026 01:23 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, भुवनेश्वर।
पीटीआई, भुवनेश्वर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:23 AM IST
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धरानीधर विश्वविद्यालय, क्योंझर में जश्न मनाते एबीवीपी के छात्र नेता
- फोटो : एक्स/एबीवीपी/वीडियो ग्रैब
ओडिशा में आठ साल बाद गुरुवार को छात्र संघ के चुनाव हुए। इस दौरान कुछ जगहों पर तनाव की घटनाएं भी सामने आईं। 153 कॉलेजों के चुनाव नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के 346 सरकारी कॉलेजों और 13 विश्वविद्यालयों में मतदान कराया गया। मतदान सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
मतदान खत्म होने के बाद मतगणना शुरू हुई। 153 कॉलेजों के नतीजे घोषित कर दिए गए। भुवनेश्वर के उत्कल विश्वविद्यालय और आरडी महिला विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों में मतगणना जारी थी। कुल 6,891 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें से 1,398 उम्मीदवार निर्वाचित हुए। अधिकारियों ने बताया कि इनमें 756 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, 642 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की।
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आरडी महिला विश्वविद्यालय में मतगणना क्यों रुकी?
आरडी महिला विश्वविद्यालय में मतगणना केंद्र पर कुछ मुद्दों को लेकर उम्मीदवारों के एजेंट बाहर चले गए। इसके बाद मतगणना रोक दी गई। उत्कल विश्वविद्यालय में रात 10 बजे तक मतगणना जारी थी। हालांकि, वहां नतीजे घोषित नहीं किए गए थे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिया कि आधी रात तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
एबीवीपी ने कितने कॉलेजों में जीत का दावा किया?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता प्रत्युष रंजन दास ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े इस संगठन ने 112 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव जीते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन ने छह विश्वविद्यालयों में सभी पदों पर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा, हमने दो अन्य विश्वविद्यालयों में भी अध्यक्ष पद को छोड़कर सभी पदों पर जीत हासिल की है।
बीजू छात्र जनता दल ने क्या कहा?
बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने दावा किया कि कई कॉलेजों में उनका संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से आगे चल रहा है।
कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने चुनाव नतीजों पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। इस बीच, बीजू जनता दल के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा और सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि राज्य के कई कॉलेजों में नतीजे घोषित करने में देरी हुई। उन्होंने इसके लिए राज्य की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के 'दबाव' को जिम्मेदार बताया।
ये भी पढ़ें: 'हर जगह मेरा पीछा कर रही सफेद स्कॉर्पियो': दिपके का दावा-पुलिस ने घर के आस-पास चारों ओर से घेर रखा है
मुख्यमंत्री ने छात्रों से क्या अपील की?
इससे पहले, दिन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। ये भारतीय लोकतंत्र की नींव भी हैं। साथ ही, इनके जरिये भविष्य के नेताओं को तैयार करने में मदद मिलती है।
माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आज आप परिसर में जिन मूल्यों, अनुशासन और आदर्शों का पालन करते हैं, वे आने वाले दिनों में हमारे राज्य और देश को नई दिशा देंगे। इसलिए किसी भी तरह की हिंसा, अफवाह या विभाजन का शिकार हुए बिना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चुनाव में हिस्सा लें।
आरडी महिला विश्वविद्यालय में विवाद क्यों हुआ?
आरडी महिला विश्वविद्यालय में बीजू छात्र जनता दल के सदस्यों ने छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को लाल गुलाब और भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद बांटा। इस पर दूसरे छात्र संगठनों ने आपत्ति जताई। एक छात्र ने कहा, मतदान के लिए परिसर में प्रवेश करने से पहले छात्रों को महाप्रसाद बांटना स्वीकार्य नहीं है।
विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि छात्रों को महाप्रसाद बांटने का उद्देश्य उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना था। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रवेश द्वार से हटाया और एक वाहन में बैठाकर वहां से ले गए।
मतदान के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कॉलेज परिसरों और मतदान केंद्रों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। छात्रों के पहचान पत्रों की जांच के बाद ही उन्हें परिसर में प्रवेश दिया गया। एक छात्र ने कहा, मैंने अपना वोट डाल दिया है। मुझे उम्मीद है कि मेरा उम्मीदवार चुनाव जीत जाएगा।
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अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के 346 सरकारी कॉलेजों और 13 विश्वविद्यालयों में मतदान कराया गया। मतदान सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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मतदान खत्म होने के बाद मतगणना शुरू हुई। 153 कॉलेजों के नतीजे घोषित कर दिए गए। भुवनेश्वर के उत्कल विश्वविद्यालय और आरडी महिला विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों में मतगणना जारी थी। कुल 6,891 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें से 1,398 उम्मीदवार निर्वाचित हुए। अधिकारियों ने बताया कि इनमें 756 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं, 642 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की।
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आरडी महिला विश्वविद्यालय में मतगणना क्यों रुकी?
आरडी महिला विश्वविद्यालय में मतगणना केंद्र पर कुछ मुद्दों को लेकर उम्मीदवारों के एजेंट बाहर चले गए। इसके बाद मतगणना रोक दी गई। उत्कल विश्वविद्यालय में रात 10 बजे तक मतगणना जारी थी। हालांकि, वहां नतीजे घोषित नहीं किए गए थे। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिया कि आधी रात तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
एबीवीपी ने कितने कॉलेजों में जीत का दावा किया?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता प्रत्युष रंजन दास ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े इस संगठन ने 112 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव जीते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन ने छह विश्वविद्यालयों में सभी पदों पर जीत हासिल की है। उन्होंने कहा, हमने दो अन्य विश्वविद्यालयों में भी अध्यक्ष पद को छोड़कर सभी पदों पर जीत हासिल की है।
बीजू छात्र जनता दल ने क्या कहा?
बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने दावा किया कि कई कॉलेजों में उनका संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से आगे चल रहा है।
कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने चुनाव नतीजों पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। इस बीच, बीजू जनता दल के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा और सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि राज्य के कई कॉलेजों में नतीजे घोषित करने में देरी हुई। उन्होंने इसके लिए राज्य की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के 'दबाव' को जिम्मेदार बताया।
ये भी पढ़ें: 'हर जगह मेरा पीछा कर रही सफेद स्कॉर्पियो': दिपके का दावा-पुलिस ने घर के आस-पास चारों ओर से घेर रखा है
मुख्यमंत्री ने छात्रों से क्या अपील की?
इससे पहले, दिन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। ये भारतीय लोकतंत्र की नींव भी हैं। साथ ही, इनके जरिये भविष्य के नेताओं को तैयार करने में मदद मिलती है।
माझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आज आप परिसर में जिन मूल्यों, अनुशासन और आदर्शों का पालन करते हैं, वे आने वाले दिनों में हमारे राज्य और देश को नई दिशा देंगे। इसलिए किसी भी तरह की हिंसा, अफवाह या विभाजन का शिकार हुए बिना शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चुनाव में हिस्सा लें।
आरडी महिला विश्वविद्यालय में विवाद क्यों हुआ?
आरडी महिला विश्वविद्यालय में बीजू छात्र जनता दल के सदस्यों ने छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को लाल गुलाब और भगवान जगन्नाथ का महाप्रसाद बांटा। इस पर दूसरे छात्र संगठनों ने आपत्ति जताई। एक छात्र ने कहा, मतदान के लिए परिसर में प्रवेश करने से पहले छात्रों को महाप्रसाद बांटना स्वीकार्य नहीं है।
विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि छात्रों को महाप्रसाद बांटने का उद्देश्य उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करना था। बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रवेश द्वार से हटाया और एक वाहन में बैठाकर वहां से ले गए।
मतदान के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कॉलेज परिसरों और मतदान केंद्रों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। छात्रों के पहचान पत्रों की जांच के बाद ही उन्हें परिसर में प्रवेश दिया गया। एक छात्र ने कहा, मैंने अपना वोट डाल दिया है। मुझे उम्मीद है कि मेरा उम्मीदवार चुनाव जीत जाएगा।