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बगैर खोपड़ी के डेढ़ साल तक रहेगा ओडिशा निवासी बलिया
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:06 PM IST
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ओडिशा निवासी जग्गा और बलिया को अब एम्स के डॉक्टरों ने घर भेजने की तैयारी कर ली है। लेकिन इससे पहले डॉक्टरों ने बलिया को एक विशेष प्रकार का हेलमेट तैयार करके दिया है। जिसके जरिए उसके सिर का बचाव हो सकेगा। दरअसल, सिर से जुड़े इन दोनों भाईयों को अलग करने के बाद बलिया बगैर खोपड़ी के डॉक्टरों की निगरानी में है। चूंकि उसकी शारीरिक स्थिति अभी पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं है। इसलिए डॉक्टरों ने डेढ़ वर्ष तक बलिया को हेलमेट पहनाने का फैसला लिया है। साथ ही उसकी खोपड़ी बनाने पर काम भी शुरू कर दिया है। इससे पहले जग्गा को भी डॉक्टरों ने हेलमेट दिया है। हालांकि उसे कुछ दिन बाद सर्जरी करके हटा दिया जाएगा।
बता दें कि ओडिशा निवासी जग्गा और बलिया का सिर आपस में करीब 40 फीसदी जुड़ा हुआ था। इन बच्चों को एक ऐतिहासिक सर्जरी से पिछले वर्ष गुजरना पड़ा। जिसके बाद दोनों भाई अलग हो गए। लेकिन बलिया अभी पूरी खोपड़ी के नहीं है। इसी सर्जरी के लिए एम्स के डॉक्टरों ने अमेरिका से 3डी मॉडल मंगाया था। जिस पर प्रैक्टिस करने के बाद करीब 125 डॉक्टरों की टीम ने 19 घंटे सर्जरी की थी।
नहीं मिला पाई है पूरी आकृति
एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि जग्गा और बलिया का सिर काफी ज्यादा जुड़ा हुआ था। इसलिए ऑपरेशन के बाद एक भाई को कपाल (खोपड़ी) की पूरी आकृति नहीं मिल पाई है। चूंकि इसमें कपाल के साथ तमाम तरह की नसों का भी ख्याल रखना पड़ता है। इसलिए बलिया को नई खोपड़ी देने में डॉक्टरों को थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, जिसके लिए उनका मरीज अभी तैयार नहीं है। तब तक के लिए बलिया को एक अतिसुरक्षित हेलमेट तैयार करके पहनाया है। इस हेलमेट के जरिए उसके सिर को चोट, हवा इत्यादि से बचाव कर सकेगा।
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अगले साल हो सकता है ऑपरेशन
सूत्र बताते हैं कि जग्गा की सेहत बलिया की तुलना में ज्यादा ठीक है। ऑपरेशन के बाद बलिया में सुधार धीरे धीरे दिखाई दे रहा है। चूंकि पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन के बाद जब इन्हें अलग किया था उस वक्त डॉक्टरों ने कलिया को खोपड़ी देने का प्रयास किया था। लेकिन उसकी हालत ठीक नहीं होने की वजह से इसे टाल दिया। अब एम्स के प्लास्टिक सर्जन अगले वर्ष उसका ऑपरेशन करके नई खोपड़ी (कपाल) देंगे। तब तक के लिए परिजनों को विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है।
ओडिशा से आई टीम, जल्द घर जाएंगे भाई
एम्स के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही इन दोनों भाईयों को उनके घर भेज दिया जाएगा। दो दिन पहले ओडिशा से पांच डॉक्टरों की टीम ने दिल्ली एम्स आकर दोनों भाईयों के स्वास्थ्य की जानकारी भी जुटा ली है। बताया जा रहा है कि वापस ओडिशा सरकार को जानकारी देने के बाद दोनों भाईयों को घर भेजने या भुवनेश्वर एम्स में भर्ती कराने का निर्णय लिया जाएगा।
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बता दें कि ओडिशा निवासी जग्गा और बलिया का सिर आपस में करीब 40 फीसदी जुड़ा हुआ था। इन बच्चों को एक ऐतिहासिक सर्जरी से पिछले वर्ष गुजरना पड़ा। जिसके बाद दोनों भाई अलग हो गए। लेकिन बलिया अभी पूरी खोपड़ी के नहीं है। इसी सर्जरी के लिए एम्स के डॉक्टरों ने अमेरिका से 3डी मॉडल मंगाया था। जिस पर प्रैक्टिस करने के बाद करीब 125 डॉक्टरों की टीम ने 19 घंटे सर्जरी की थी।
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नहीं मिला पाई है पूरी आकृति
एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि जग्गा और बलिया का सिर काफी ज्यादा जुड़ा हुआ था। इसलिए ऑपरेशन के बाद एक भाई को कपाल (खोपड़ी) की पूरी आकृति नहीं मिल पाई है। चूंकि इसमें कपाल के साथ तमाम तरह की नसों का भी ख्याल रखना पड़ता है। इसलिए बलिया को नई खोपड़ी देने में डॉक्टरों को थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, जिसके लिए उनका मरीज अभी तैयार नहीं है। तब तक के लिए बलिया को एक अतिसुरक्षित हेलमेट तैयार करके पहनाया है। इस हेलमेट के जरिए उसके सिर को चोट, हवा इत्यादि से बचाव कर सकेगा।
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अगले साल हो सकता है ऑपरेशन
सूत्र बताते हैं कि जग्गा की सेहत बलिया की तुलना में ज्यादा ठीक है। ऑपरेशन के बाद बलिया में सुधार धीरे धीरे दिखाई दे रहा है। चूंकि पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन के बाद जब इन्हें अलग किया था उस वक्त डॉक्टरों ने कलिया को खोपड़ी देने का प्रयास किया था। लेकिन उसकी हालत ठीक नहीं होने की वजह से इसे टाल दिया। अब एम्स के प्लास्टिक सर्जन अगले वर्ष उसका ऑपरेशन करके नई खोपड़ी (कपाल) देंगे। तब तक के लिए परिजनों को विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है।
ओडिशा से आई टीम, जल्द घर जाएंगे भाई
एम्स के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही इन दोनों भाईयों को उनके घर भेज दिया जाएगा। दो दिन पहले ओडिशा से पांच डॉक्टरों की टीम ने दिल्ली एम्स आकर दोनों भाईयों के स्वास्थ्य की जानकारी भी जुटा ली है। बताया जा रहा है कि वापस ओडिशा सरकार को जानकारी देने के बाद दोनों भाईयों को घर भेजने या भुवनेश्वर एम्स में भर्ती कराने का निर्णय लिया जाएगा।