{"_id":"5e0455c18ebc3e87963938bb","slug":"npr-chidambaram-says-it-different-form-upa-if-bjp-s-intention-is-right-they-will-not-link-with-nrc","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौजूदा एनपीआर यूपीए के समय से अलग, भाजपा कहे एनआरसी से नहीं जोड़ेंगे: चिदंबरम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मौजूदा एनपीआर यूपीए के समय से अलग, भाजपा कहे एनआरसी से नहीं जोड़ेंगे: चिदंबरम
Thu, 26 Dec 2019 12:31 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 26 Dec 2019 12:31 PM IST
विज्ञापन
पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर दुर्भावनापूर्ण एजेंडा रखने का आरोप लगाया और दावा किया कि मौजूदा एनपीआर यूपीए सरकार के समय के एनपीआर से बिल्कुल अलग है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो वह 2010 के एनपीआर का स्पष्ट रूप से समर्थन करे और यह भी स्पष्ट करे कि वह इसे राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) से जोड़ने का इरादा नहीं रखती है।
विज्ञापन
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मुझे खुशी है कि भाजपा ने 2010 में आरंभ हुए एनपीआर की एक वीडियो क्लिप जारी की है। कृपया इसे सुनिए। हम देश के सामान्य नागरिकों की बात कर रहे हैं। नागरिकता पर नहीं, निवास पर जोर है।
चिदंबरम ने दावा किया कि भाजपा नीत सरकार का व्यापक और दुर्भावनापूर्ण एजेंडा है। इसलिए उनके द्वारा जिस एनपीआर को मंजूरी दी गई है वह खतरनाक और 2010 के एनपीआर के लिखित ब्यौरे एवं सन्दर्भ से अलग है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा का इरादा सही है तो सरकार बिन शर्त यह कहे कि वह 2010 के एनपीआर फॉर्म और उसकी रूपरेखा का समर्थन करती है तथा इसे एनआरसी से जोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
क्या है एनपीआर
- राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के जरिए सरकार देश के हर नागरिक की जानकारी रख सकेगी।
- इसके तहत हर भारतीय नागरिक का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाएगा और उनकी वंशावली भी दर्ज की जाएगी।
- वैसे निवासी जो छह महीने या उससे ज्यादा समय से किसी क्षेत्र में रह रहा है, उसके लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य हो जाएगा।
- एनपीआर को सरकार राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला, उप जिला व स्थानीय स्तर पर तैयार करेगी।
- एनपीआर तीन चरणों में तैयार किया जाएगा - पहला चरण एक अप्रैल 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर जरूरी आंकड़े जुटाए जाएंगे।
- दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक होगा। इसके बाद तीसरा चरण होगा, जिसमें जुटाए आंकड़ों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।