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कुलभूषण ही नहीं 74 रक्षाकर्मी भी कैद, पर पाकिस्तान है कि मानता नहीं !
amarujala.com, Presented By: विकास जांगड़ा
Updated Tue, 11 Apr 2017 05:31 PM IST
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कुलभूषण जाधव, पाकिस्तान
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव अकेले नहीं, उनके अलावा युद्ध के 54 बंदियों सहित गायब 74 रक्षाकर्मी भी पाकिस्तान में ही कैद हैं। पाकिस्तान ये मानने को तैयार नहीं है।
आरटीआई में हुआ था खुलासा
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में भारत सरकार ने माना था कि वर्ष 1965 और वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इन सैनिकों को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था।
सरकार का कहना था कि भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के समक्ष कई बार उठाया, लेकिन पाकिस्तान ने अपनी जेलों में भारतीय सैनिकों के बंद होने से इनकार कर दिया।
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इनमें से सेना के 27, वायु सेना के 24 और नौसेना के दो जवान हैं। एक जवान सीमा सुरक्षा बल का है। केंद्र सरकार के हलफनामा के अनुसार ये सभी जवान 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद से लापता हैं।
इनमें तीन सैनिकों की पहचान भी संभव नहीं हो पा रही है क्योंकि उनके सर्विस रिकार्ड, यूनिट और परिवार के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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आरटीआई में हुआ था खुलासा
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में भारत सरकार ने माना था कि वर्ष 1965 और वर्ष 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इन सैनिकों को पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था।
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सरकार का कहना था कि भारत ने इस मामले को पाकिस्तान के समक्ष कई बार उठाया, लेकिन पाकिस्तान ने अपनी जेलों में भारतीय सैनिकों के बंद होने से इनकार कर दिया।
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इनमें से सेना के 27, वायु सेना के 24 और नौसेना के दो जवान हैं। एक जवान सीमा सुरक्षा बल का है। केंद्र सरकार के हलफनामा के अनुसार ये सभी जवान 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध के बाद से लापता हैं।
इनमें तीन सैनिकों की पहचान भी संभव नहीं हो पा रही है क्योंकि उनके सर्विस रिकार्ड, यूनिट और परिवार के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने माना, इनकी सबकी मौत
पाकिस्तान जेल (डेमो पिक)
सुप्रीम कोर्ट ने जब केंद्र सरकार से पूछा कि क्या 54 युद्धबंदी अभी जिंदा हैं। सरकार इस बारे में क्या सोचती है। इस पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि हमें इस बारे में जानकारी नहीं है।
हमारा मानना है कि इन सभी की मौत हो गई होगी क्योंकि पाकिस्तान इन लोगों के कैद में होने की बात से इनकार कर रहा है।
बीती 11 मार्च को सरकार ने युद्ध के 54 बंदियों सहित गायब हुए 74 रक्षाकर्मियों के पाकिस्तानी जेलों में होने की जानकारी दी। राज्यसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि कूटनीतिक और उच्च स्तरीय संपर्कों के माध्यम से सरकार पाकिस्तान के सामने लगातार भारतीय युद्ध के बंदियों को रिहा करने के मामले को उठा रही है।
हालांकि, पाकिस्तान ने अपने हिरासत में किसी भी भारतीय युद्धबंदी के होने से इंकार किया है।
इससे पहले सरकार ने माना था कि लापता 74 सैन्यकर्मी पाकिस्तान की हिरासत में हो सकते हैं।
राज्यसभा को दिए लिखित जवाब में वीके सिंह ने कहा था कि कि लापता सैन्यकर्मियों के परिजनों की एक कमेटी ने 2007 में पाकिस्तान की जेलों का दौरा किया, लेकिन उनकी वहां मौजूदगी के सबूत नहीं मिले।
हालांकि केंद्र सरकार इस मामले को पाक सरकार के साथ लगातार उठाती रहेगी।
हमारा मानना है कि इन सभी की मौत हो गई होगी क्योंकि पाकिस्तान इन लोगों के कैद में होने की बात से इनकार कर रहा है।
बीती 11 मार्च को सरकार ने युद्ध के 54 बंदियों सहित गायब हुए 74 रक्षाकर्मियों के पाकिस्तानी जेलों में होने की जानकारी दी। राज्यसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि कूटनीतिक और उच्च स्तरीय संपर्कों के माध्यम से सरकार पाकिस्तान के सामने लगातार भारतीय युद्ध के बंदियों को रिहा करने के मामले को उठा रही है।
हालांकि, पाकिस्तान ने अपने हिरासत में किसी भी भारतीय युद्धबंदी के होने से इंकार किया है।
इससे पहले सरकार ने माना था कि लापता 74 सैन्यकर्मी पाकिस्तान की हिरासत में हो सकते हैं।
राज्यसभा को दिए लिखित जवाब में वीके सिंह ने कहा था कि कि लापता सैन्यकर्मियों के परिजनों की एक कमेटी ने 2007 में पाकिस्तान की जेलों का दौरा किया, लेकिन उनकी वहां मौजूदगी के सबूत नहीं मिले।
हालांकि केंद्र सरकार इस मामले को पाक सरकार के साथ लगातार उठाती रहेगी।