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Jharkhand Assembly: सीएम सोरेन की जमानत के मुद्दे पर सदन में हंगामा, बीजेपी पर कल्पना सोरेन ने लगाए कई आरोप
Tue, 30 Jul 2024 10:17 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 30 Jul 2024 10:17 PM IST
सार
Jharkhand Assembly: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को काफी शोर-शराबा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन और विपक्षी भाजपा के सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
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कल्पना सोरेन ने विपक्ष पर लगाया आरोप
- फोटो : X / @JMMKalpanaSoren
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विस्तार
झारखंड विधानसभा की कार्यवाही आज शुरू हुई, तो पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि ईडी की याचिका पर शीर्ष अदालत और झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले से पता चलता है कि मुख्यमंत्री को गलत तरीके से फंसाया गया है। यह समय की बर्बादी थी। जो परियोजनाएं पाइपलाइन में थीं, उन्हें लागू किया जाना चाहिए था। विपक्ष ने उन्हें (हेमंत सोरेन) जेल भेजने की साजिश रची। उन्होंने युवाओं और किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। भाजपा सदस्यों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। वहीं जेएमएम विधायक सुदिव्य कुमार ने सवाल किया, क्या हमारा विपक्ष जवाब देगा कि पांच महीने तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में बाधा डालने के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
सत्ता पक्ष के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
वहीं इस पर विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा, मुख्यमंत्री को अदालत ने जमानत दे दी है। उन्हें बरी नहीं किया गया है। नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और वे सदन के वेल में आ गए। इस वजह से प्रश्नकाल बाधित रहा, क्योंकि दोनों पक्षों के सदस्यों ने सीएम की जमानत के मुद्दे पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करना जारी रखा।
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खारिज करने के फैसले का हवाला देते हुए विपक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की, जबकि भाजपा सदस्यों ने दावा किया कि सीएम को कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक बरी नहीं किया गया है।
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कई बार बाधित हुई सदन की कार्यवाही
वहीं स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने दोनों पक्षों के सदस्यों से अपनी कुर्सियों पर वापस जाने का आग्रह किया। हालांकि, कार्यवाही चलाने में असमर्थ होने के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। फिर लंच के बाद दोपहर करीब 2.10 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई और सोमवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। राज्य विधानसभा ने 4,833.39 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया।
कल्पना सोरेन ने विपक्ष पर लगाई आरोपों की झड़ी
इस दौरान सदन में अपना पहला भाषण देते हुए बहस में भाग लेते हुए गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने और हेमंत सोरेन को सलाखों के पीछे भेजने का आरोप लगाया। विपक्षी विधायकों के हंगामे के बीच कल्पना सोरेन ने कहा, सच्चाई अब सबके सामने है। झारखंड की जनता हमारे विपक्ष को लोकसभा चुनाव की तरह ही मुंहतोड़ जवाब देगी।
हम काम के आधार पर वोट मांगते हैं- कल्पना सोरेन
उन्होंने कहा कि एनडीए नेताओं को यह समझना चाहिए कि वे गुजरात के नाम पर या झूठे सपने दिखाकर वोट नहीं मांग सकते, क्योंकि यह झारखंड है। यहां हम काम के आधार पर वोट मांगते हैं। कल्पना सोरेन ने आरोप लगाया कि सरकार केवल पिछले पांच महीनों से ही पीड़ित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 2019 से, जब हमारी बहुमत वाली सरकार सत्ता में आई, विपक्ष और संवैधानिक संस्थाओं ने इसे अस्थिर करने का प्रयास किया, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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सत्ता पक्ष के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
वहीं इस पर विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा, मुख्यमंत्री को अदालत ने जमानत दे दी है। उन्हें बरी नहीं किया गया है। नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और वे सदन के वेल में आ गए। इस वजह से प्रश्नकाल बाधित रहा, क्योंकि दोनों पक्षों के सदस्यों ने सीएम की जमानत के मुद्दे पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करना जारी रखा।
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झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खारिज करने के फैसले का हवाला देते हुए विपक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की, जबकि भाजपा सदस्यों ने दावा किया कि सीएम को कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभी तक बरी नहीं किया गया है।
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कई बार बाधित हुई सदन की कार्यवाही
वहीं स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने दोनों पक्षों के सदस्यों से अपनी कुर्सियों पर वापस जाने का आग्रह किया। हालांकि, कार्यवाही चलाने में असमर्थ होने के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। फिर लंच के बाद दोपहर करीब 2.10 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई और सोमवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। राज्य विधानसभा ने 4,833.39 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया।
कल्पना सोरेन ने विपक्ष पर लगाई आरोपों की झड़ी
इस दौरान सदन में अपना पहला भाषण देते हुए बहस में भाग लेते हुए गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने और हेमंत सोरेन को सलाखों के पीछे भेजने का आरोप लगाया। विपक्षी विधायकों के हंगामे के बीच कल्पना सोरेन ने कहा, सच्चाई अब सबके सामने है। झारखंड की जनता हमारे विपक्ष को लोकसभा चुनाव की तरह ही मुंहतोड़ जवाब देगी।
हम काम के आधार पर वोट मांगते हैं- कल्पना सोरेन
उन्होंने कहा कि एनडीए नेताओं को यह समझना चाहिए कि वे गुजरात के नाम पर या झूठे सपने दिखाकर वोट नहीं मांग सकते, क्योंकि यह झारखंड है। यहां हम काम के आधार पर वोट मांगते हैं। कल्पना सोरेन ने आरोप लगाया कि सरकार केवल पिछले पांच महीनों से ही पीड़ित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 2019 से, जब हमारी बहुमत वाली सरकार सत्ता में आई, विपक्ष और संवैधानिक संस्थाओं ने इसे अस्थिर करने का प्रयास किया, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।