रक्षामंत्री बोले, स्कॉर्पीन पनडुब्बी दस्तावेज लीक से देश को कोई खतरा नहीं
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रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा है कि स्कॉर्पीन पनडुब्बी से संबंधित लीक दस्तावेज सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं। आस्ट्रेलिया के अखबार में दो किस्तों में छपी दस्तावेजों को चिंता की बात नहीं, बताते हुए परिकर ने कहा कि इस दिशा में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
रक्षा मंत्री के मुताबिक लीक दस्तावेज में पनडुब्बी के हथियारों और मारक क्षमता से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। शुक्रवार को परिकर ने जानकारी दी कि नौसेना इस बात से आश्वस्त है कि इस लीक से कोई खतरा नहीं।
उन्होंने माना कि दस्तावेज लीक तो हुए हैं लेकिन उसमें ऐसा ब्यौरा नहीं जिससे चल रही परियोजना में बदलाव करना पड़े। पहली स्कॉर्पीन पनडुब्बी की निर्माण मझगांव डॉक में चल रहा है जिसे 2017 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।
यह लीक भारत से नहीं हुआ
सूत्रों के मुताबिक नौसेना ने परिकर को यह जानकारी भी दी है कि यह लीक भारत से नहीं हुआ है। हालांकि, जिम्मेदारी तय करने के लिए फ्रांस सरकार को पूरे मामले की जांच के लिए कहा गया है।
परिकर ने यह भी साफ किया कि इस लीक से फ्रांस के साथ चल रहे राफेल लड़ाकू विमान के सौदे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नौसेना के मुताबिक लीक हुए यह कागजात 2011 में चोरी हुए थे।
यह जानकारी फ्रांस की साझेदार कंपनी डीसीएनएस की ओर से दी गई है। इन कागजात में परियोजना से संबंधित बहुत पुरानी जानकारियां हैं जिससे इसकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ने जा रहा है।