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धूम्रपान को लेकर चिंता: डॉक्टरों, रेस्टोरेंटों के समूह ने केंद्र से सार्वजनिक जगहों से खत्म करने का किया आग्रह

Thu, 11 Mar 2021 04:14 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 11 Mar 2021 04:14 AM IST
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No smoking day 2021 a group of doctors cancer victims and restaurants expressed concern over passive smoking
प्रतीकात्मकत तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

डॉक्टरों, कैंसर पीड़ितों और रेस्टोरेंटों के एक समूह ने पैसिव धूम्रपान को लेकर चिंता जताई है और केंद्र सरकार से विभिन्न सार्वजनिक जगहों से धूम्रपान क्षेत्रों को खत्म करने का आग्रह किया है।

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सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (व्यापार और वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति और वितरण विज्ञापन और विनियमन निषेध) कानून 2003 के अनुसार, सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर पाबंदी है लेकिन रेस्टोरेंट, होटल, एयरपोर्ट व अन्य जगहों पर निर्दिष्ट क्षेत्रों में धूम्रपान की अनुमति है। यह अपील ‘नो स्मोकिंग डे’ के अवसर पर देश को 100 फीसदी धूम्रपान रहित बनाने और कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए की गई है।
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टाटा मेमोरियल अस्पताल में मुख्य गला कैंसर सर्जन पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे सुबूत मिले हैं कि धूम्रपान से कोरोना संक्रमण का खतरा है। साथ ही उन्होंने कहा कि धूम्रपान फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता और प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वाले जो लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं उन्हें ज्यादा दिक्कत हुई और उनके मृत्यु का खतरा भी अधिक है।
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उन्होंने कहा कि होटलों, रेस्टोरेंटों और एयरपोर्ट पर धूम्रपान क्षेत्रों को समाप्त किया जाना चाहिए क्योंकि ये धूम्रपान क्षेत्र शायद ही सीओटीपीए के नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं और साथ ही ये लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरे में डालते हैं। उन्होंने कहा कि पैसिव धूम्रपान उन लोगों की जिंदगी के लिए भी खतरनाक है जो धूम्रपान नहीं करते हैं। पैसिव धूम्रपान पीड़ित और स्वास्थ्य कार्यकर्ता नलिनी सत्यनारायण ने भी इससे सहमति जताई।

वॉलंट्री हेल्ड एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बिनोय मैथ्यू ने कहा कि निदिष्ट धूम्रपान क्षेत्र कोरोना संक्रमण के प्रसार की वजह बन रहे हैं क्योंकि कुछ धूम्रपान न करने वाले लोग सामाजिक दूरी या मास्क नहीं पहन रहे हैं और धुएं वाले वातावरण की चपेट में आसानी से आ रहे हैं।


होटल अवध इंटरनेशनल के मोहम्मद इमरान ने कहा कि लोगों को उन होटलों में ठहरने में प्राथमिकता देनी चाहिए जहां धूम्रपान की अनुमति नहीं हो। हमें खुशी है कि सरकार आतिथ्य क्षेत्र को पूरी तरह से धूम्रपान मुक्त करने के लिए सीओटीपीए के प्रावधान को सख्त बना रही है। भारत दुनिया में तंबाकू उपभोक्ताओं के मामले में दूसरा बड़ा देश है। देश में करीब 26.80 करोड़ धूम्रपान करते हैं। देश में कैंसर पीड़ितों में से करीब 27 फीसदी तंबाकू का सेवन करने वाले हैं।

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