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NGT: वायु गुणवत्ता सुधार पर राज्यों को हिदायत, कहा- एयर क्वालिटी में सुधार करने के लिए पूरे धन का इस्तेमाल हो
Sat, 09 Dec 2023 05:41 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 09 Dec 2023 05:41 PM IST
सार
एनजीटी ने सख्त लहजे में कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्यों को 15वें वित्त आयोग और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत मिले धन का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) और 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त धन का पूरा इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। साथ ही वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आगे प्रयास करने को कहा है।
साथ ही पांच दिसंबर को पारित आदेश में संबंधित राज्यों को आठ हफ्ते के भीतर आगे की कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने के भी निर्देश दिए गए हैँ। पीठ ने कहा कि कुछ शहरों में वायु गणुवत्ता सूचकांक गंभीर और बहुत खराब है। जबकि अन्य में यह मध्य से गंभीर और खराब से बहुत खराब के बीच उतार-चढ़ाव देखा जाता है।
बता दें 24 नवंबर को दिल्ली में वायु गणुवत्ता सूचकांक गंभीर था, जबकि अधिकांश दिनों में यह बहुत खराब था। पीठ ने कहा कि पंजाब के शहरों में सुधार दिखा।
पिछले माह एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ऑनलाइन वायु गुणवत्ता बुलेटिन का संज्ञान लिया और उन राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक गिर गया था या गंभीर, बहुत खराब और खराब श्रेणियों में था। कई राज्य प्राधिकरणों द्वारा दायर रिपोर्टों पर ध्यान देते हुए, ट्रिब्यूनल ने 5 दिसंबर को अपनी सुनवाई में कहा कि अधिकांश राज्यों ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) और 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त धन का पूरा उपयोग नहीं किया।
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प्राधिकरण ने कहा, एनसीएपी के तहत गैर प्राप्ति वाले शहरों के लिए अनुमोदित कार्य योजना और गैर प्राप्ति वाले शहरों के रूप में नहीं आने वाले शहरों के लिए अनुमोदित कार्य योजनाओं के अनुसार धन का उपयोग करना आवश्यक है।
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साथ ही पांच दिसंबर को पारित आदेश में संबंधित राज्यों को आठ हफ्ते के भीतर आगे की कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने के भी निर्देश दिए गए हैँ। पीठ ने कहा कि कुछ शहरों में वायु गणुवत्ता सूचकांक गंभीर और बहुत खराब है। जबकि अन्य में यह मध्य से गंभीर और खराब से बहुत खराब के बीच उतार-चढ़ाव देखा जाता है।
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बता दें 24 नवंबर को दिल्ली में वायु गणुवत्ता सूचकांक गंभीर था, जबकि अधिकांश दिनों में यह बहुत खराब था। पीठ ने कहा कि पंजाब के शहरों में सुधार दिखा।
पिछले माह एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ऑनलाइन वायु गुणवत्ता बुलेटिन का संज्ञान लिया और उन राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक गिर गया था या गंभीर, बहुत खराब और खराब श्रेणियों में था। कई राज्य प्राधिकरणों द्वारा दायर रिपोर्टों पर ध्यान देते हुए, ट्रिब्यूनल ने 5 दिसंबर को अपनी सुनवाई में कहा कि अधिकांश राज्यों ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) और 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त धन का पूरा उपयोग नहीं किया।
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प्राधिकरण ने कहा, एनसीएपी के तहत गैर प्राप्ति वाले शहरों के लिए अनुमोदित कार्य योजना और गैर प्राप्ति वाले शहरों के रूप में नहीं आने वाले शहरों के लिए अनुमोदित कार्य योजनाओं के अनुसार धन का उपयोग करना आवश्यक है।