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US थिंक टैंक: नए राष्ट्रपति को जल्द करनी चाहिए मोदी से मुलाकात
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:26 PM IST
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फाइल फोटो
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अमेरिकी थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति को पद संभालने के 100 दिन के भीतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करनी चाहिए। इससे एक महत्वपूर्ण संदेश जाएगा।
'इंडिया-यूएस कोऑपरेशन' शीर्षक वाली यह रिपोर्ट सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्ट्डीज (सीएसआईएस) ने तैयार की है। इसमें लिखा है कि नए अमेरिकी प्रशासन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत उन मूलभूत समझौतों पर हस्ताक्षर करे, जिससे दोनों देशों के रक्षा संबंधों में मजबूती आ सके।
अमेरिकी थिंक टैंक का मानना है कि अगर इस तरह के समझौते नहीं होते हैं तो इससे अमेरिका के लिए यह अंसभव हो जाएगा कि वह भारत को आधुनिक कम्प्यूटिंग और संचार तकनीक प्रदान कर सके। इस समय भारत को रक्षा जरूरतों के लिए इसकी सर्वाधिक जरूरत है।
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सीएसआईएस ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की है कि अमेरिका और भारत को परस्पर पनडुब्बी सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध के प्रयासों सहित संयुक्त प्रशिक्षण और कार्यक्षमता का विस्तार करना चाहिए। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर भी थिंक टैंक ने विचार की जरूरत पर बल दिया है।
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'इंडिया-यूएस कोऑपरेशन' शीर्षक वाली यह रिपोर्ट सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्ट्डीज (सीएसआईएस) ने तैयार की है। इसमें लिखा है कि नए अमेरिकी प्रशासन को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत उन मूलभूत समझौतों पर हस्ताक्षर करे, जिससे दोनों देशों के रक्षा संबंधों में मजबूती आ सके।
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अमेरिकी थिंक टैंक का मानना है कि अगर इस तरह के समझौते नहीं होते हैं तो इससे अमेरिका के लिए यह अंसभव हो जाएगा कि वह भारत को आधुनिक कम्प्यूटिंग और संचार तकनीक प्रदान कर सके। इस समय भारत को रक्षा जरूरतों के लिए इसकी सर्वाधिक जरूरत है।
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सीएसआईएस ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की है कि अमेरिका और भारत को परस्पर पनडुब्बी सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध के प्रयासों सहित संयुक्त प्रशिक्षण और कार्यक्षमता का विस्तार करना चाहिए। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर भी थिंक टैंक ने विचार की जरूरत पर बल दिया है।
शक्तिशाली नेता के रूप में हो रहा मोदी का उदय
मोदी
- फोटो : pti
थिंक टैंक ने कहा कि मोदी का उदय एक शक्तिशाली नेता के रूप में हो रहा है, इसलिए अमेरिका को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए फिर से रणनीति को मजबूत और संतुलित करने की जरूरत है। थिंक टैंक ने यह भी कहा, 'आने वाले नए प्रशासन को अमेरिकी गृह विभाग और विदेश मंत्रालय के जरिए आस्ट्रेलिया, भारत और जापान के साथ बेहतर सुरक्षा संबंध स्थापित करने चाहिए। यह बातचीत प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्रों में साझा हितों पर आधारित होनी चाहिए।'
रिपोर्ट में पीएम मोदी के साथ अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ओबामा प्रशासन की तारीफ भी की है।
रिपोर्ट में पीएम मोदी के साथ अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ओबामा प्रशासन की तारीफ भी की है।