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भारत के अस्पतालों में नए सुपरबग का हमला, डॉक्टरों की नींद उड़ी
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 30 May 2017 07:09 AM IST
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दुनिया भर के कई अस्पतालों में एक अलग तरह के ‘मल्टीड्रग रजिस्टेंट फंगल सुपर बग’ की पहचान की गई है। इस सुपरबग के लक्षण भारत में भी दिखे हैं जिसने डॉक्टरों की नींद उड़ा रखी है। इस सुपरबग का नाम ‘कैंडिडा ऑरिस’ है।
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यह सुपरबग एंटीफंगल दवाओं के प्रभाव को निष्क्रिय कर रहा है। यह इतना घातक है कि इससे पीड़ित व्यक्ति का अगर समय पर इलाज ना किया जाए तो उसकी मौत भी हो सकती है।
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यह सुपर बग उन मरीजों पर हमला कर रहा है जो लंबे समय से अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रह रहे हैं। सात साल की इस अवधि में जापान भारत अमेरिका कोरिया, साउथ अफ्रीका, वेनेजुएला, कोलंबिया, स्पेन और पाकिस्तान के अस्पतालों में ‘मल्टीड्रग रेजिस्टेंट इन्फेक्शन’ की वजह से यह फंगल सुपर बग तेजी से फैला हैं।
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नई दिल्ली के वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट की प्रोफेसर अनुराधा चौधरी के मुताबिक यह समस्या तब और भी गहरा गई जब कई वाणिज्यिक लेबोरेट्री उपकरण 90 प्रतिशत मरीजों की जांच में इसके लक्षण का पता ही नहीं लगा पाए।
जिस वजह से मरीज गलत दवा लेते रहे। इसके अतिरिक्त, चूंकि यह फंगस बिस्तर, कुर्सी और पर्दे में तीन महीने से अधिक बना रह सकता है, ऐसे में यह समस्या उन अस्पतालों में और भी गंभीर हो जाती है जहां सफाई को लेकर ध्यान नहीं दिया जाता या फिर संक्रमण के नियंत्रण के लिए सख्त कदम नहीं उठाए जाते।
जहां एक ओर बाजार में कई एंटीबैक्टीरियल दवाएं मौजूद हैं वहीं एंटीफंगल की दवाओं के सिर्फ तीन प्रकार ही उपलब्ध हैं जो कि इस सुपरबग के सामने फेल साबित हो रही हैं।