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OBC Status: 'पश्चिम बंगाल में OBC दर्जे के पीछे चल रहा तुष्टिकरण का खेल', NCBC प्रमुख का चौंकाने वाला दावा

Thu, 08 Jun 2023 09:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 08 Jun 2023 09:17 PM IST
सार

एनसीबीसी के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हिंदू धर्म बदलकर मुस्लिम बन गए हैं। साथ ही  राज्य सरकार ने बांग्लादेश से आए मुसलमानों को भी ओबीसी आरक्षण सूची में शामिल करा रही है।

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NCBC chief claims Appeasement politics in granting OBC Status in West Bengal
हंसराज गंगाराम अहीर

विस्तार

पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर विभिन्न राज्यों में खींचतान जारी है। इस बीच, एनसीबीसी के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने इसे लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में समुदायों को ओबीसी का दर्जा देने में तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस ‘विसंगति’ को जल्द से जल्द दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर वह समीक्षा कराएगा। 

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उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हिंदू धर्म बदलकर मुस्लिम बन गए हैं। साथ ही  राज्य सरकार ने बांग्लादेश से आए मुसलमानों को भी ओबीसी आरक्षण सूची में शामिल करा रही है। इतना ही नहीं पंजाब ने भी ओबीसी आरक्षण को बढ़ाने के लिए अनुरोध किया है।
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पश्चिम बंगाल में ओबीसी दर्जे के पीछे तुष्टिकरण की राजनीति 
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 179 ओबीसी जातियों में से 118 मुस्लिम समुदाय से हैं। इतनी सारी मुस्लिम जातियों को ओबीसी का दर्जा देने के पीछे तुष्टिकरण की राजनीति है। उन्होंने आगे कहा कि आरक्षण योग्य लोगों के लिए होना चाहिए, न कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए। उन्होंने कहा कि इस मामले की समीक्षा की गई है, और इस बारे में राज्य सरकार को भी बताया गया है।  
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अहीर ने कहा कि ओबीसी समुदायों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है: श्रेणी ए और बी। श्रेणी ए में बड़ी संख्या में पिछड़ी जातियों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें से 90 प्रतिशत मुस्लिम जातियां हैं। वहीं, श्रेणी बी में, जिनमें कम लाभ हैं, उनमें से 90 प्रतिशत हिंदू जातियां हैं।

अलग-अलग राज्यों ने की आरक्षण की मांग
अहीर ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों ने ओबीसी श्रेणी के तहत अलग-अलग समुदायों के आरक्षण की मांग की है। आयोग उनके अनुरोधों पर गौर कर रहा है।

तेलंगाना की ये है मांग
उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने ओबीसी श्रेणी में 40 समुदायों को शामिल करने के लिए कहा है। इसी तरह, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा ने भी कुछ समुदायों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की मांग की है।


गैर भाजपा शासित राज्यों में सही से लागू नहीं हो रहा ओबीसी आरक्षण
एनसीबीसी प्रमुख ने यह भी कहा कि गैर-बीजेपी सरकारों वाले राज्यों राजस्थान, पंजाब और बिहार में ओबीसी आरक्षण को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है। राजस्थान में सात जिले हैं जो ओबीसी को कोई आरक्षण नहीं देते हैं। वहीं, पंजाब में ओबीसी के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण है, जबकि राज्य इस समुदाय को सिर्फ 12 प्रतिशत दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को राज्य के समक्ष उठाया और वे 7 प्रतिशत अधिक आरक्षण देने पर सहमत हो गए हैं। 

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