Navy Day 2021: नौसेना प्रमुख बोले-10 साल का रोडमैप तैयार, हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी नौसेना पर रख रहे कड़ी नजर
भारतीय नौसेना के नए प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हमारे पास जल्द ही हवा और पानी के अंदर चलने वाली स्वदेशी-मानवरहित प्रणालियां होंगी। इसके लिए 10 साल का रोडमैप तैयार है।
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भारतीय नौसेना देश की समुद्री सीमाओं के हर खतरे से निपटने में सक्षम है। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा, नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है। हिंद महासागर में चीन की हर चालाकी पर नौसेना कड़ी नजर रख रही है। नौसेना दिवस से पहले हुई कान्फ्रेंस में कुमार ने कहा, प्रस्तावित समुद्री कमान को लेकर काम जारी है और इसके बेसिक ढांचा अगले साल तक हमारे सामने होगा। उन्होंने कहा, हम भली भांति जानते हैं कि चीनी नौसेना बीते कुछ वर्षों से 110 नए जंगी जहाज बना रही है। हम हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की हर गतिविधि के हिसाब से अपनी तैयारी कर रहे हैं। चीनी नौसेना इस क्षेत्र में 2008 से मौजूद हे और वहां इसके सात से आठ जंगी जहाज मौजूद हैं। हमारे विमान इन पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और उनकी हर हरकत पर हमारी नजर है।
कोविड, उत्तरी सीमा के हालात ने राष्ट्रीय सुरक्षा की जटिलताएं बढ़ाईं
नौसेना प्रमुख ने कहा, कोरोना महामारी और उत्तरी सीमा के हालात ने राष्ट्रीय सुरक्षा की जटिलताएं बढ़ा दी हैं। इसके बावजूद हमारी जंगी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। मैं आश्वस्त करता हूं कि नौसेना सुरक्षा की हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।
28 महिला अफसर 15 प्रमुख जंगी जहाजों पर तैनात
कुमार ने बताया कि नौसेना की करीब 28 महिला अधिकारियों को 15 प्रमुख जंगी जहाजों पर तैनात किया गया है। जल्द ही इनकी संख्या बढ़ेगी। महिलाओं को सशक्त बनाने के सरकार के उद्देश्य के मद्देनजर नौसेना ने महिलाओं को अतिरिक्त मौके देेने की दिशा में उपाय किये हैं। लगभग सभी जंगी जहाजों में आज महिला अधिकारी तैनात हैं। इसके अलावा इन्हें विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों में शामिल करने को भी तैयार हैं।
नौसेना में ‘मेक इन इंडिया’ का पूरा जोर
एडमिरल कुमार ने बताया कि नौसेना में सरकार के आत्मनिर्भर भारत मंत्र का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। नौसेना के लिए बने 39 जंगी जहाजों और पनडुब्बियों में 37 का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत किया गया।
गलवां के बाद भारतीय नौसेना की तैनाती प्रभावित हुई: वाइस एडमिरल
नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि लद्दाख के गलवां घाटी वाले संकट के दौरान भारतीय नौसेना मजबूत ताकत थी और चीन के साथ वार्ता में इसकी तैनाती ने भी असर डाला था। पश्चिमी नेवल कमान के कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग चिंता की बात है।
हम हर खतरे से निपटने में सक्षम
एडमिरल कुमार ने कहा कि नौसेना देश की समुद्री सीमाओं के हर खतरे से निपटने में सक्षम है। हिंद महासागर में चीन की हर चालाकी पर नौसेना कड़ी नजर रख रही है। समुद्री कमान को लेकर काम जारी है और इसके बेसिक ढांचा अगले साल तक हमारे सामने होगा।