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NHAI: आपात संकट से लेकर हाईवे की खामियों तक की शिकायतें दूर कर रहा NHAI, जानें कैसे काम आ रहे डिजिटल माध्यम
Tue, 15 Jul 2025 07:54 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 15 Jul 2025 07:54 PM IST
सार
अत्याधुनिक शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म के साथ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) हाईवे यूजर एक्सपीरियंस बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। 24x7 टोल-फ्री नंबर 1033 द्वारा हाईवे पर यात्रा करने वाले आपात-संकट की स्थिति के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा राजमार्गयात्रा मोबाइल एप शिकायतें दर्ज कराने तथा टोल एवं यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने की सुविधा दे रहा है।
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NHAI
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए व्यापक पद्धतियां लागू कर सड़क मार्गों से यात्रा करने वाले लोगों (रोड यूजर्स) की सुरक्षा, सेवाओं की गुणवत्ता व सुविधाएं सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है। एनएचएआई ने रोड यूजर्स की शिकायतों के निवारण के लिए अत्याधुनिक शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म्स क्रियान्वित किए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिये नागरिक अपनी समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं, सहायता पा सकते हैं और रियल टाइम में अपनी शिकायतों के निवारण की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं। इससे नेशनल हाईवे के कामकाज की पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
हाल ही में सड़क-मार्ग संबंधी समस्याओं का त्वरित एवं कार्यक्षम ढंग से निराकरण लाने के लिए एनएचएआई द्वारा छह मुख्य प्लेटफॉर्म संचालित किए जा रहे हैं, जो निम्नानुसार है :
1) 1033 हेल्पलाइन
1033 चौबीस घण्टे और सातों दिन (24x7) सेवा में रहने वाला टोल फ्री नंबर है, जो हाईवे यूजर्स यानी हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को दुर्घटनाओं, सड़क पर गड्ढों या तो अन्य टोल संबंधी समस्याओं जैसी आपात-संकट की स्थिति की जानकारी देने की सुविधा देता है। हाईवे यूजर्स की शिकायतें केंद्रीयकृत ढंग से दर्ज की जाती हैं और इसके बाद संबद्ध फील्ड एजेंसियों को फॉरवर्ड की जाती हैं, जिसमें प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन यूनिट (पीआईएम), कन्सेशनेयर्स अथवा इंसीडेंट मैनेजमेंट टीमें (घटना प्रबंधन टीमें) शामिल हैं। समय पर क्षेत्रीय (स्थानीय) कार्यवाही होने के बाद अनुपालन की रिपोर्टिंग की जाती है। इसके बाद शिकायत का निवारण किया जाता है और शिकायतकर्ता को शिकायत की स्थिति के बारे में अपडेट किया जाता है।
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हाल ही में सड़क-मार्ग संबंधी समस्याओं का त्वरित एवं कार्यक्षम ढंग से निराकरण लाने के लिए एनएचएआई द्वारा छह मुख्य प्लेटफॉर्म संचालित किए जा रहे हैं, जो निम्नानुसार है :
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1) 1033 हेल्पलाइन
1033 चौबीस घण्टे और सातों दिन (24x7) सेवा में रहने वाला टोल फ्री नंबर है, जो हाईवे यूजर्स यानी हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों को दुर्घटनाओं, सड़क पर गड्ढों या तो अन्य टोल संबंधी समस्याओं जैसी आपात-संकट की स्थिति की जानकारी देने की सुविधा देता है। हाईवे यूजर्स की शिकायतें केंद्रीयकृत ढंग से दर्ज की जाती हैं और इसके बाद संबद्ध फील्ड एजेंसियों को फॉरवर्ड की जाती हैं, जिसमें प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंटेशन यूनिट (पीआईएम), कन्सेशनेयर्स अथवा इंसीडेंट मैनेजमेंट टीमें (घटना प्रबंधन टीमें) शामिल हैं। समय पर क्षेत्रीय (स्थानीय) कार्यवाही होने के बाद अनुपालन की रिपोर्टिंग की जाती है। इसके बाद शिकायत का निवारण किया जाता है और शिकायतकर्ता को शिकायत की स्थिति के बारे में अपडेट किया जाता है।
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2) राजमार्ग मोबाइल एप्लिकेशन
यह एक नागरिक-केंद्रीत एप्लिकेशन है, जो शिकायतें दर्ज कराने, टोल तथा यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने और निकटस्थ अस्पताल या पुलिस थाने की जानकारी प्राप्त करने के लिए यूजर-फ्रेंड्ली इंटरफेस प्रदान करता है। इसके जरिए नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले यूजर्स ही जियो-टैगिंग द्वारा समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं। विभिन्न विकल्प, जैसे कि शिकायतों की रियल टाइम फॉरवर्डिंग, फील्ड लेवल रिस्पॉन्स, क्लोजर यानी निवारण संबंधी सूचनाओं तथा यूजर्स के फीडबैक सिस्टम में बिल्ट-इन हैं।
3) सार्वजनिक शिकायत के लिए पोर्टल (CPGRAMS)
नागरिक https://pgportal.gov.in के माध्यम से एनएचएआई अथवा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का चयन कर शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल आगे की कार्यवाही के लिए शिकायतों को उचित पीआईयू या क्षेत्रीय कार्यालयों (रीजनल ऑफिस) को भेज देता है। निवारण संबंधी विवरण तथा फीडबैक के विकल्प पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जबकि अनसुलझी शिकायतों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
यह एक नागरिक-केंद्रीत एप्लिकेशन है, जो शिकायतें दर्ज कराने, टोल तथा यात्रा संबंधी जानकारी प्राप्त करने और निकटस्थ अस्पताल या पुलिस थाने की जानकारी प्राप्त करने के लिए यूजर-फ्रेंड्ली इंटरफेस प्रदान करता है। इसके जरिए नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले यूजर्स ही जियो-टैगिंग द्वारा समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं। विभिन्न विकल्प, जैसे कि शिकायतों की रियल टाइम फॉरवर्डिंग, फील्ड लेवल रिस्पॉन्स, क्लोजर यानी निवारण संबंधी सूचनाओं तथा यूजर्स के फीडबैक सिस्टम में बिल्ट-इन हैं।
3) सार्वजनिक शिकायत के लिए पोर्टल (CPGRAMS)
नागरिक https://pgportal.gov.in के माध्यम से एनएचएआई अथवा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का चयन कर शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल आगे की कार्यवाही के लिए शिकायतों को उचित पीआईयू या क्षेत्रीय कार्यालयों (रीजनल ऑफिस) को भेज देता है। निवारण संबंधी विवरण तथा फीडबैक के विकल्प पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जबकि अनसुलझी शिकायतों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
4) ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम
सड़क-मार्गों की सतह (सरफेस) पर रही खामियों तथा निर्माण गुणवत्ता में खामियों को सक्रिय रूप से पहचानने के लिए एनएचएआई ने अत्याधुनिक ड्रोन-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग शुरू की है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा प्रभावित होने से पहले ही समस्याओं का निवारण लाने में मदद मिलती है।
5) NHAI वन मोबाइल एप (पूर्व में तत्पर-TATPAR)
यह आंतरिक मोबाइल प्लेटफॉर्म कॉन्ट्रैक्टरों तथा फील्ड इंजीनियरों को खामियों का डॉक्यूमेंटेशन करने, निरीक्षण करने, कार्यवाही संबंधी रिपोर्ट्स सबमिट करने एवं एक्सटेंशन की विनती या मंजूरी देने के लिए सक्षम बनाता है। यह प्लेटफॉर्म हाईवे के रखरखाव तथा उसके कामकाज के लिए सुव्यवस्थित संचार एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है।
सड़क-मार्गों की सतह (सरफेस) पर रही खामियों तथा निर्माण गुणवत्ता में खामियों को सक्रिय रूप से पहचानने के लिए एनएचएआई ने अत्याधुनिक ड्रोन-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग शुरू की है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा प्रभावित होने से पहले ही समस्याओं का निवारण लाने में मदद मिलती है।
5) NHAI वन मोबाइल एप (पूर्व में तत्पर-TATPAR)
यह आंतरिक मोबाइल प्लेटफॉर्म कॉन्ट्रैक्टरों तथा फील्ड इंजीनियरों को खामियों का डॉक्यूमेंटेशन करने, निरीक्षण करने, कार्यवाही संबंधी रिपोर्ट्स सबमिट करने एवं एक्सटेंशन की विनती या मंजूरी देने के लिए सक्षम बनाता है। यह प्लेटफॉर्म हाईवे के रखरखाव तथा उसके कामकाज के लिए सुव्यवस्थित संचार एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित करता है।
6) टोल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (टीआईएस)
टीआईएस पोर्टल (https://tis.nhai.gov.in) तत्काल शिकायत निवारण या आपात स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नंबर का विवरण, रूट की जानकारी तथा फील्ड लेवल के अधिकारियों व टोल मैनेजरों के संपर्क नंबर प्रदान करता है।
एनएचएआई का यह एकीकृत दृष्टिकोण भारत के विस्तृत हो रहे हाईवे नेटवर्क पर रोड यूजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए तेज, डेटा-आधारित रिस्पॉन्स मैकेनिज्म सुनिश्चित करता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपनी सेवा-वितरण पद्धतियों में निरंतर नवीनीकरण करता है, जिससे प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा पारदर्शी रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सुलभ बनें।
टीआईएस पोर्टल (https://tis.nhai.gov.in) तत्काल शिकायत निवारण या आपात स्थिति में सहायता के लिए टोल फ्री नंबर का विवरण, रूट की जानकारी तथा फील्ड लेवल के अधिकारियों व टोल मैनेजरों के संपर्क नंबर प्रदान करता है।
एनएचएआई का यह एकीकृत दृष्टिकोण भारत के विस्तृत हो रहे हाईवे नेटवर्क पर रोड यूजर्स के अनुभव को बढ़ाने के लिए तेज, डेटा-आधारित रिस्पॉन्स मैकेनिज्म सुनिश्चित करता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपनी सेवा-वितरण पद्धतियों में निरंतर नवीनीकरण करता है, जिससे प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा पारदर्शी रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर सुलभ बनें।