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नारदा मामला: राज्यपाल धनखड़ ने नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर टीएमसी सांसद के दावे पर जताई हैरानी
Mon, 24 May 2021 02:08 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 24 May 2021 02:08 AM IST
सार
- धनखड़ ने गत सात मई को सीबीआई के अनुरोध पर राज्य के मंत्रियों फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी के उन दावों पर हैरानी जताई है कि उनके ही इशारे पर सत्तारूढ़ पार्टी के तीन नेताओं और शहर के एक पूर्व मेयर को नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार किया गया।
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धनखड़ ने आरोप का विरोध करने के बजाय कहा कि वह इस मामले को बंगाल के लोगों के विवेक पर छोड़ते हैं। धनखड़ ने गत सात मई को सीबीआई के अनुरोध पर राज्य के मंत्रियों फरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। सीबीआई उस स्टिंग आपरेशन की जांच कर रही है जिसमें नेता कैमरे में कथित तौर पर रिश्वत लेते दिखे थे।
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इन चारों को गत 17 मई को केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और ये कथित अपराध के समय राज्य के मंत्री थे। बनर्जी ने हुगली जिले में संवाददाताओं से कहा, राज्यपाल सुबह से शाम तक तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने चारों नेताओं की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। बनर्जी ने लोगों से राज्यपाल के खिलाफ थानों में शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
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बनर्जी ने कहा, मैं संवैधानिक प्रावधान के बारे में जानता हूं जिसमें कहा गया है कि किसी राज्यपाल के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है, लेकिन सभी लोगों से अनुरोध करूंगा कि वे उन क्षेत्रों में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं जहां राज्यपाल अपराध, हिंसा और धार्मिक विभाजन को भड़काते हुए पाए जाएं।
टीएमसी सांसद ने कहा कि जब धनखड़ राज्यपाल नहीं रहेंगे तब उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई हो सकती है। धनखड़ ने हाल ही में कूचबिहार और नंदीग्राम के चुनाव बाद हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर रक्तपात होने पर चुप रहने का आरोप लगाया था।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने उन्हें पत्र लिखकर कहा था कि उनके दौरे ने स्थापित मानदंडों का उल्लंघन किया है, क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार के साथ परामर्श नहीं किया। टीएमसी ने साथ ही दावा किया कि राज्यपाल ने "पक्षपातपूर्ण तरीके" से काम किया और अपने दौरे के दौरान केवल भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मुलाकात की।
धनखड़ ने बनर्जी को टीएमसी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी, एक सांसद और एक वकील के रूप में संबोधित करते हुए ट्वीट किया, हैरान हूं लेकिन मामले को पश्चिम बंगाल के सुसंस्कृत लोगों और मीडिया के विवेक पर छोड़ता हूं।
बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि आंसू एक अक्षम व्यक्ति को सत्ता में बने रहने में मदद नहीं करेंगे क्योंकि वह कोविड-19 स्थिति को संभालने में विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, अधिकांश भारतीय 2024 में देश के दूसरे स्वतंत्रता दिवस के सवेरे का इंतजार कर रहे हैं। मोदी शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान तब भावुक होते दिखे थे जब वह कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले लोगों के बारे में बात कर रहे थे।देश में अगला आम चुनाव 2024 में होना है।