जब अस्पताल की ओपीडी में महिला स्टाफ ने जमकर लगाए ठुमके
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मुंबई के एक सरकारी अस्पताल को इन दिनों जांच का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है हल्दी कुमकुम परंपरा के लिए स्टाफ के 20 से ज्यादा सदस्यों ने अस्पताल की ओपीडी को डांस फ्लोर बना दिया। जहां वरिष्ठ कर्मचारियों से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक की महिला कर्मचारियों ने घंटों जमकर डांस किया। कार्यक्रम के चलते स्टाफ के सदस्यों ने रोगियों से भी दूरी बना ली।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार वाक्या डेढ़ महीने पुराना है। मुंबई के चेंबुर के दीवालीबेन मेहता हॉस्पिटल जिसे मां अस्पताल भी कहा जाता है में रोजाना 800 के करीब मरीज देखे जाते हैं। लेकिन बीते दो मार्च को यहां आधे के करीब मरीजों का उपचार किया गया है, क्योंकि कुछ देर बाद ही यह जगह पार्टी स्थल के रूप में तब्दील हो गई।
बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग को एक वीडियो के साथ भेजी गई गुमनाम शिकायत में बताया गया है कि किस तरह हल्दी कुमकुम की रस्म के लिए अस्पताल की ओपीडी को डांस फ्लोर में तब्दील कर दिया गया। इस आयोजन में कर्मचारियों के बच्चों ने भी शिरकत की।
इसमें आरोप लगाया गया है कि आयोजन की तैयारी के लिए ओपीडी के फर्स्ट फ्लोर का इस्तेमाल किया गया। सुबह दस बजे ही अस्पताल के स्टाफ सदस्य स्पीकर और साज सज्जा का सामान लेकर ओपीडी में पहुंच गए। दोपहर होते होते ओपीडी एक डांस फ्लोर में बदल गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बैठाई जांच
अस्पताल के सदस्यों ने शंता बाई और रिक्शावाला आदि गानों पर जमकर ठुमके लगाए। इसके अलावा वहां सिंगल गानों पर भी डांस किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल आए सभी मरीजों को ग्राउंड फ्लोर पर बने ओपीडी में शिफ्ट कर दिया गया।
कुछ मरीजों को अगले दिन आने के लिए भी कहा गया। शिकायत में बताया गया कि जिन दो ओपीडी में रोज 800 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जाता था वहां उस दिन मात्र 377 मरीजों को ही देखा गया। इसके अलावा अस्पताल में जहां शोर शराबे की मनाही होती है वहां महिला कर्मचारियों ने तेज आवाज संगीत में ठुमके लगाए।
वहीं अस्पताल के मुख्य अधीक्षक डा. विक्रांत तिकोने ने बताया कि जिस दिन यह पार्टी हुई उस दिन भी अस्पताल में पर्याप्त संख्या में मरीजों का उपचार किया गया। हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि उस दिन कितने मरीज देखे गए। हालांकि उन्होंने बताया कि महिला कर्मचारियों की ओर से यह आयोजन अस्पताल में हर साल होता है। हालांकि तब यह अस्पताल की छत पर होता था लेकिन इस बार वहां काम होने के कारण ओपीडी में इसे किया गया।