'हौसला बरकरार': सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर दिपके हमलावर, वकील रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सीजेपी नेताओं की हिरासत की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर अभिजीत दिपके ने सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, उनकी वकील रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर किसी के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विस्तार
राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे कथित तौर पर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अंदर नजर आ रहे हैं। फोटो को पोस्ट करते हुए दिपके ने लिखा कि गिरफ्तारी के बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ है। वहीं, पार्टी नेता रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तीनों को कई घंटों तक अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया।
Cockroaches @AjinkyaCJP, @AshutoshRanka & @SauravDassss inside the parliament street police station. Nothing can break their spirits. What a cool picture @whattalawyer https://t.co/aMtdwZb9Ip
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 13, 2026विज्ञापन
हिरासत में भी कायम है कार्यकर्ताओं का हौसला
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीनों कार्यकर्ताओं की तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, 'पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अंदर हमारे कॉकरोच। कुछ भी उनका हौसला नहीं तोड़ सकता। क्या शानदार तस्वीर है।' इस पोस्ट में उन्होंने एक वकील को भी टैग किया।
जंतर-मंतर पर प्रवेश की कोशिश के आरोप में कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, तीनों कार्यकर्ताओं को मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में एहतियातन हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अधिकारियों ने एक दिन पहले ही जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के संबंध में मामला भी दर्ज किया गया है। दूसरी ओर, सीजेपी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसके सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
रत्ना सिंह बोलीं- वकीलों से मिलने नहीं दिया
वहीं, सीजेपी नेताओं की वकील रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में लेने के बाद लंबे समय तक उनके वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। बुधवार सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर सिंह ने एक और अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों कार्यकर्ताओं को अगले एक घंटे के भीतर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जा सकता है। सिंह ने कहा कि हिरासत के 24 घंटे पूरे होने का समय करीब था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को लगभग 24 घंटे तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और शुरुआत में हिरासत के कारण भी स्पष्ट नहीं किए गए।
‘ऊपर से मिले आदेशों पर काम कर रही पुलिस’
रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर मनमाने ढंग से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस कानून के बजाय ऊपर से मिले निर्देशों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए पहुंचे लोगों को भी हिरासत में लिया गया। सिंह के मुताबिक, वकीलों और पार्टी के स्वयंसेवकों ने कार्यकर्ताओं से मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद थाना प्रभारी (SHO) और अन्य पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के पीछे उच्च अधिकारियों के निर्देशों का हवाला दिया। सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे आदेश कौन दे रहा है, जिनके चलते कानून की अनदेखी हो रही है।
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SIR विवाद के बीच बढ़ा सियासी तनाव
सीजेपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब पार्टी और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा है।