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Sanjay Raut: ईडी ने किया संजय राउत की जमानत का विरोध, हाई कोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने को कहा

Fri, 11 Nov 2022 05:42 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Amit Mandal Updated Fri, 11 Nov 2022 05:42 PM IST
सार

ईडी ने हाईकोर्ट से जमानत आदेश पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति डांगरे ने बुधवार को हालांकि सभी पक्षों को सुने बिना आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

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Money laundering case: HC asks Sanjay Raut to respond to ED plea against bail
संजय राउत - फोटो : PTI

विस्तार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद संजय राउत को एक विशेष अदालत द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दी गई जमानत को रद्द करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आवेदन के जवाब में एक हलफनामा दाखिल करने को कहा। न्यायमूर्ति भारती डांगरे की एकल पीठ ने ईडी को अपने आवेदन में संशोधन करने की भी अनुमति दी क्योंकि संजय राउत को जमानत देने वाला विशेष अदालत का आदेश बुधवार को आवेदन दाखिल करने के समय उपलब्ध नहीं था। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। केंद्रीय एजेंसी ने संजय राउत के अलावा सह आरोपी प्रवीण राउत को मिली जमानत को भी चुनौती दी है।

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अदालत ने कहा कि आवेदनों में 14 नवंबर तक संशोधन किया जाएगा। प्रतिवादी (संजय राउत और प्रवीण राउत) एक सप्ताह बाद अपना जवाब हलफनामा दाखिल करेंगे। मामले की सुनवाई 25 नवंबर को होगी। ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने 21 नवंबर से पहले इस मामले की सुनवाई की मांग रखी। सिंह ने तर्क दिया कि विशेष अदालत ने कुछ अनावश्यक टिप्पणी की है। इसका हम पर बहुत असर पड़ा है। न्यायमूर्ति डांगरे ने हालांकि कहा कि हर आदेश में कुछ ऐसी टिप्पणियां की जाती हैं जिनका असर होता है। 
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एजेंसी ने हाईकोर्ट से जमानत आदेश पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति डांगरे ने बुधवार को हालांकि सभी पक्षों को सुने बिना आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। संजय राउत को उपनगरीय गोरेगांव में पात्रा चॉल के पुनर्विकास से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए जाने के सौ दिन बाद बुधवार को विशेष पीएमएलए न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने जमानत दी थी। जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बुधवार शाम मध्य मुंबई की आर्थर रोड जेल से बाहर आए।
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विशेष अदालत ने अपने आदेश में राउत की गिरफ्तारी को अवैध, बिना कारण के और एक बेगुनह को फंसाने वाला करार दिया था। ईडी ने अपने आवेदन में कहा कि विशेष अदालत का आदेश कानून की दृष्टि से खराब है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। इसने दावा किया कि विशेष अदालत आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मामले में ईडी द्वारा पेश किए गए सबूतों के आकलन में विफल रही है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि विशेष अदालत इस बात को मानने में विफल रही कि मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध एक गंभीर आर्थिक अपराध है जो सुनियोजित साजिश द्वारा किया गया है और यह हत्या या आतंकवाद के कृत्य से कम नहीं है।  

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