योजना आयोग के बाद पंचवर्षीय योजना की बारी, इसे भी खत्म करेगी मोदी सरकार
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योजना आयोग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार अब पंचवर्षीय योजना को भी खत्म करने की ओर है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा शुरू की गई पंचवर्षीय योजानाएं आने वाले कल में इतिहास का हिस्सा हो सकती हैं। केंद्र सरकार मौजूदा पंचवर्षीय योजना के बाद इस नीति को 15 साल से अधिक समय के विजन से बदलने का निर्णय लिया है। बता दें कि मौजूदा पंचवर्षीय योजना की अवधि अगले 2017 मार्च में पूरी हो जाएगी। पीएमओ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार इस विजन को नीति में तब्दील करने के लिए अगले वित्त वर्ष 2017-18 से नेशनल डेवलेंपमेंट एजेंडा के अंतर्गत 7 साल की रणनीति तैयार करेगी।
इस एजेंडा में सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के साथ-साथ रक्षा और आंतरिक सुरक्षा को भी शामिल किया जाएगा। एजेंडा की समीक्षा हर तीन साल पर की जाएगी और इसका पहला मूल्यांक 2019-20 में किया जाएगा। 2019 में ही लोकसभा के चुनाव होंगे और अगला वित्त आयोग भी बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि वो इस एजेंडे को आयोग के साथ जोड़कर इससे जुड़ी सभी वित्तीय संसाधनों के संबंध में आश्वस्त हो जाए।
गौरतलब है कि सत्ता संभालने के कुछ दिन बाद ही पीएम मोदी ने योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया था। योजना आयोग को मोदी सरकार ने नीति आयोग में बदल दिया गया था।