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जेपी नड्डा बोले: पीएम मोदी का सिखों से लगाव राजनीतिक नहीं, बल्कि देशभक्ति की वजह से है
Thu, 14 Apr 2022 08:55 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 14 Apr 2022 08:55 PM IST
सार
नड्डा ने सिखों की विभिन्न लंबित मांगों का जिक्र किया, जिसमें कई समुदाय के सदस्यों को काली सूची से हटाना भी शामिल जिन्हें मोदी सरकार ने पूरा किया।
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JP Nadda
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सिख समुदाय से लगाव देशभक्ति का प्रभाव है, न कि राजनीतिक। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में सताए गए सिखों को अब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पारित होने के कारण भारत में कानूनी पहचान मिल सकती है।
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देश के लिए सिखों के साहस और बलिदान का बहुत सम्मान
यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री मोदी ने समुदाय की कई लंबित मांगों को पूरा किया, नड्डा ने कहा कि उन्हें सिखों और सिख धर्म की गहरी समझ है और देश के लिए उनके साहस और बलिदान के लिए बहुत स्नेह और सम्मान है। अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर बोलते हुए नड्डा ने सिखों की विभिन्न लंबित मांगों का जिक्र किया, जिसमें कई समुदाय के सदस्यों को काली सूची से हटाना शामिल है, इन्हें मोदी सरकार ने पूरा किया।
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नड्डा ने मोदी के साथ अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र किया जब वह पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी थे। उन्होंने कहा कि मोदी का सिखों से लगाव राजनीतिक नहीं है, बल्कि उनकी देशभक्ति और देश और देशवासियों के लिए सिखों के बलिदान के कारण है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और कुछ राजनेताओं ने इसे लेकर काफी शोर भी मचाया।
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मुझे लगता है कि राजनीतिक शोर मचाने वाले राजनेता राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को नहीं समझते हैं। क्या वे जानते हैं कि अफगानिस्तान में कभी 50,000 से अधिक सिख परिवार थे जो अब 2,000 से भी कम हो गए हैं। वे सिख भाई कहां जाएंगे, वे सिख भाई जो भारत आए, वे क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सीएए के कारण अपनी उचित कानूनी पहचान का लाभ उठा सकते हैं। इसी तरह जो सिख आजादी के बाद पाकिस्तान से आए और जम्मू-कश्मीर में बस गए, उन्हें अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद उनका उचित कानूनी दर्जा मिला।