फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Modi and Jinping informal meeting can talk about Nirav Modi extradition and border issue

PM मोदी-जिनपिंग मुलाकात में नीरव पर रहेगा फोकस, प्रत्यर्पण पर हो सकती है चर्चा

Tue, 24 Apr 2018 11:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Updated Tue, 24 Apr 2018 11:08 AM IST
विज्ञापन
Modi and Jinping informal meeting can talk about Nirav Modi extradition and border issue
मोदी-जिनपिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात 27-28 अप्रैल को होने वाली है। यह एक अनौपचारिक मुलाकात होगी। जिसमें पीएम भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सीमा विवाद के अलावा नीरव मोदी को देश लाने की बात की जा सकती है। माना जा रहा है कि नीरव हॉन्ग कॉन्ग में छुपा हुआ है। चीन ने इस मसले को स्थानीय प्रशासन पर छोड़ दिया है लेकिन यह बात किसी से छुपी नहीं है कि अंतिम निर्णय बीजिंग को ही लेना है।

विज्ञापन


नीरव के हॉन्ग कॉन्ग अरबपतियों के साथ काफी अच्छे रिश्ते हैं। सूत्रों का कहना है कि नीरव मोदी को भारत लाने से सरकार की छवि लोगों के मन में बेहतर बनेगी। वहीं चीन इस मसले को सौदेबाजी के रूप में भी इस्तेमाल कर सकता है। पीएम की मुलाकात से पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण चीन पहुंच गई हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पहले से ही चीन में मौजूद हैं। उन्होंने सोमवार शाम को मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के लिए जमीन तैयार करने का काम किया। 
विज्ञापन


मंगलवार को सीतारमण सुषमा स्वराज मिलकर चीन, रूस और सेंट्रल एशिया के देशों के मंत्रियों के साथ शंघाई को ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में हिस्सा लेंगी। चीन ने भी मोदी और शी के बीच प्रस्तावित अनौपचारिक मुलाकात को लेकर अपनी गंभीरता दिखाई है। चीन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले चीन के उप-राष्ट्रपति वांग क्विशान ने सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी। वांग ने कहा कि उन्हें अपेक्षा है कि दोनों बड़े नेता द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंताओं के मुद्दों पर आम सहमति तक पहुंचेंगे। इस बैठक को दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 वहीं चीन ने सोमवार को कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में इस सप्ताह होने वाली अनौपचारिक बैठक में बढ़ते संरक्षणवाद से होने वाले खतरों और पिछले 100 सालों में दुनिया के भीतर अभूतपूर्व बदलावों पर चर्चा होगी। इस बातचीत में दुनिया बहुत ही सकारात्मक आवाज सुनेगी।  


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय रिश्तों से संबंधित रणनीतिक दीर्घकालिक मुद्दों पर पिछले 100 सालों में हुए परिवर्तनों पर चर्चा होगी। इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने रविवार को घोषणा की थी कि मोदी और शी चीन के मशहूर शहर वुहान में 27-28 अप्रैल को मिलेंगे। लू ने कहा कि यह मुलाकात क्षेत्रीय और विश्व शांति, स्थिरता और विकास पर सकारात्मक असर डालेगी, साथ ही इससे दोनों देशों के लोगों को अधिकतम लाभ मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed