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राज के साथ उद्धव ठाकरे का लंच, क्या फिर से मिल जाएंगे दोनों भाई?

Sat, 30 Jul 2016 11:30 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 30 Jul 2016 11:30 AM IST
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MNS chief Raj Thackeray met Shiv Sena president Uddhav Thackeray
बीजेपी के साथ शिवसेना के मतभेद जगजाहिर हैं। - फोटो : Getty Images
महाराष्ट्र की राजनीति नई करवट लेती दिख रही है। राज्य में बीजेपी सरकार की अहम सहयोगी शिवसेना के प्रेसिडेंट उद्धव ठाकरे ने नई चाल चली है। बाल ठाकरे के वारिस उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मातोश्री में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के साथ लंच पर बातचीत की। चचेरे भाई के साथ शिवसेना प्रमुख की बैठक घंटे भर चली। माना जा रहा है कि आने वाले बीएमसी चुनावों में इस मुलाकात का रंग और उभर कर सामने आएगा। 
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बढ़ते मतभेदों और बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लेने की सेना विधायकों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि बीएमसी चुनावों में राज ठाकरे को साथ लेकर शिवसेना बीजेपी के पंखों को कतरना चाहती है। बीजेपी के बिना देश के सबसे धनी म्यूनिशियल कॉरपोरेशन के चुनाव को जीतना शिवसेना को आगे बढ़ने का मौका देगा। बीएमसी का सालाना बजट 36,000 हजार करोड़ का है। 
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हालांकि शिवसेना के एक धड़े का यह भी मानना है कि उद्धव ठाकरे के साथ राज ठाकरे की मुलाकात ठाकरे परिवार में चल रहे पारिवारिक संकट को लेकर भी हो सकती है। गौरतलब है कि बाल ठाकरे के बड़े बेटे जयदेव ठाकरे अपने हिस्से के लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। जयदेव, उद्धव से बड़े हैं।
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बीजेपी के पंख काटना चाहते हैं उद्धव

MNS chief Raj Thackeray met Shiv Sena president Uddhav Thackeray
राज ठाकरे आखिरी बार नवंबर 2014 में मातोश्री गए थे। - फोटो : Getty Images
एमएनसी प्रमुख राज ठाकरे को मातोश्री लेकर जाने वाले शिवसेना के वरिष्ठ नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि उद्धव और राज की बैठक महाराष्ट्र के दो बड़े नेताओं की बैठक है। दोनों नेता चचेरे भाई हैं और महाराष्ट्र में उनका कद बहुत बड़ा है। सूत्रों के मुताबिक राज ठाकरे आखिरी बार बाल ठाकरे की मौत पर नवंबर 2012 में मातोश्री गए थे। 

हालांकि नंदगांवकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं नहीं जानता कि क्या हुआ। एक अलग कमरे में दोनों नेताओं की बैठक चल रही है।' उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। 

बीएमसी चुनाव को जीतना शिवसेना के एजेंडे में सबसे ऊपर है। चुनाव में जीत हासिल कर उद्धव ठाकरे मुंबई में बीजेपी की पकड़ को कमजोर करना चाहते हैं। 

हाल ही में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी पार्टी ने गठबंधन में 25 साल बर्बाद कर दिए। और इसके बाद शिवसेना प्रमुख और एमएनएस नेता के बीच बैठक महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण गढ़ सकती है। 
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