2000 टन प्याज इम्पोर्ट करेगी MMTC,कीमत पर लगेगी लगाम
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देेश में आम जनता को फिर से प्याज के आंसू न बहाना पड़े, इसके लिए केन्द्र सरकार ने 2000 टन प्याज के आयात का फैसला किया है। प्याज का आयात सरकारी कंपनी एमएमटीसी करेगी। इसके साथ ही सरकार ने नैफेड के मार्फत से किसानों से सीधे प्याज खरीदने का फैसला किया है।
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यही नहीं, प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए इसका न्यूनतम निर्यात मूल्य -एमईपी- घोषित करने का भी फैसला हुआ है। केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने बुधवार को बताया कि प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इसके आयात का फैसला किया है।
लेकिन इस निर्णय से किसानों को घाटा नहीं होगा क्योंकि उन्हें बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम पर प्याज नहीं बेचना पड़े, इसके लिए नैफेड को उनसे प्याज खरीदने को कहा गया है। इसके साथ ही सरकार चाहती है कि इस समय प्याज का निर्यात नहीं हो।
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प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए खाद्य मंत्रालय ने वाणिज्य मंत्रालय से प्याज के एमईपी घोषित करने का अनुरोध किया है। उम्मीद है कि एक-आध सप्ताह में प्याज का एमईपी घोषित हो जाए।
एमएमटीसी करेगी प्याज का आयात
खाद्य मंत्रालय के वरष्ठि अधिकारियों का कहना है कि प्याज की नई फसल आ जाने के बावजूद इसकी खुदरा कीमत 50 रुपये के आसपास चल रही है जो कि इसकी कमी की ओर संकेत करता है। ऐसे में कीमत पर लगाम लगाने के लिए इसका अयात जरूरी है। इसलिए एमएमटीसी के जरिये 2000 टन प्याज के आयात का फैसला हुआ है।
हालांकि इस बारे में एमएमटीसी के प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें इस फैसले की अभी तक जानकारी नहीं मिली है। एक बार इस बारे में आधिकारिक आदेश मिल जाए, फिर कुछ बताया जा सकता है।
नैफेड करेगी किसानों से प्याज की खरीद
पासवान ने बताया कि इस फैसले से किसानों को उसके फसल की कम कीमत नहीं मिले, इसलिए उन्हें बिचौलियों को प्याज बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उनसे नैफेड सीधे प्याज की खरीद करेगा। यह खरीदारी अगले अगले कुछ दिनों में शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्याज का बफर स्टॉक भी बनाया जा सकता है ताकि खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों के बढ़ने पर हस्तक्षेप किया जा सके। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष सरकार की ओर से करीब पंद्रह हजार टन प्याज की खरीदारी की गई थी। इसके बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें आसमान छूने लगीं थी।
प्याज के निर्यात के लिए एमईपी की होगी घोषणा
प्याज की नई फसल आने के बाद इसका निर्यात न शुरू हो जाए, इसके लिए केन्द्र सरकार ने इसके निर्यात पर पाबंदी लगाने का फैसला कर लिया है। इस फैसले के मुताबिक निर्यातकों को एक बार फिर देश से प्याज निर्यात करने पर भारी-भरकम न्यूनतम निर्यात मूल्य अदा करना होगा।
गौरतलब है कि किसी वस्तु का एमईपी निर्धारित करने से उत्पाद को तय कीमत से कम पर विदेश भेजने पर पाबंदी लग जाती है। हालांकि सरकार ने फिलहाल एमईपी की दर निर्धारित नहीं की है लेकिन अधिकारी का कहना है कि इस बारे में वाणिज्य मंत्रालय से बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि एक हफ्ते में ऐसा हो जाएगा।
प्याज की कीमत फिर से चढ़ने लगी है
पिछले महीने राम विलास पासवान ने कहा था कि प्याज की नई फसल आने लगी है और अगले 15 दिनों में इसकी कीमतें फिर से सामान्य होने लगेंगी। लेकिन इसकी कीमतों में थोड़ी गिरावट होने के बाद एक बार फिर से यह 50 रुपये प्रति किलो के पास चली गई। यही वजह है कि सरकार को यह फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।