{"_id":"5bd8553ebdec2269b642a31c","slug":"mission-for-christ-expels-bjp-candidate-rev-l-r-colney","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिजोरम चुनाव 2018ः चर्च ने भाजपा उम्मीदवार बने पादरी को निकाला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मिजोरम चुनाव 2018ः चर्च ने भाजपा उम्मीदवार बने पादरी को निकाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 30 Oct 2018 06:27 PM IST
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Rev L R Colney
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पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में चर्च के संगठन मिशन फॉर क्राइस्ट (एमएफसी) ने पूर्व पादरी और भाजपा उम्मीदवार रेव एल.आर.कोलनी को संगठन से निकाल दिया है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि संगठन ने विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के टिकट पर मैदान में उतरे एक अन्य पादरी आर. लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। कोलनी संगठन के कार्यकारिणी सदस्य और पूर्णकालिक मिशनरी थे।
भाजपा ने यहां विधानसभा चुनावों के लिए 13 उम्मीदवारों की पहली सूची में जिन दो पादरियों को टिकट दिए थे उनमें कोलनी भी शामिल हैं। कोलनी ने संगठन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से एमएफसी के दोहरे रवैए का सबूत मिलता है। उसने (एमएनएफ) के टिकट पर मैदान में उतरे एक अन्य कार्याकारिणी सदस्य आर. लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। कोलनी आजिल पूर्व-1 सीट से मैदान में हैं। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि अगले महीने होने वाले चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
भाजपा की सूची में शामिल रेव लालरुआता एक अन्य संगठन यूनाइटेड पेन्टेकोस्टल मिशन (यूपीएम) के सदस्य हैं। वे लुंगलेई पूर्व सीट से कांग्रेस के निवर्तमान विधायक लालहिमपुइया के खिलाफ मैदान में हैं। कोलनी के निष्कासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने इस पर चिंता जताई।
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कोलनी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस ईसाई बहुल राज्य में भाजपा की जीत से विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उनका कहना था कि संगठन के फैसले से उनको कोई परेशानी नहीं है। कोलनी ने कहा कि भाजपा को ईसाई-विरोधी कहना गलत होगा। इसबीच, एमएफसी ने कोलनी के खिलाफ और एमएनएफ उम्मीदवार लालथांगलियाना के खिलाफ चुप्पी को सही ठहराते हुए कहा है कि संगठन के एक मिशनरी कोलनी के भाजपा का उम्मीदवार बनने से संगठन को झटका लगा है।
एमएफसी के अध्यक्ष लालचुंगनुंगा ने कहा कि इस फैसले में कोई राजनीति नहीं है। पूर्णकालिक मिशनरी होने की वजह से वे राजनीति में शामिल नहीं हो सकते। उनकी दलील थी कि कोलनी पूर्णकालिक मिशनरी हैं जबकि लालथांगलियाना सिर्फ कार्यकारिणी सदस्य हैं। इसी वजह से उनके लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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भाजपा ने यहां विधानसभा चुनावों के लिए 13 उम्मीदवारों की पहली सूची में जिन दो पादरियों को टिकट दिए थे उनमें कोलनी भी शामिल हैं। कोलनी ने संगठन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से एमएफसी के दोहरे रवैए का सबूत मिलता है। उसने (एमएनएफ) के टिकट पर मैदान में उतरे एक अन्य कार्याकारिणी सदस्य आर. लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। कोलनी आजिल पूर्व-1 सीट से मैदान में हैं। उन्होंने अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि अगले महीने होने वाले चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
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भाजपा की सूची में शामिल रेव लालरुआता एक अन्य संगठन यूनाइटेड पेन्टेकोस्टल मिशन (यूपीएम) के सदस्य हैं। वे लुंगलेई पूर्व सीट से कांग्रेस के निवर्तमान विधायक लालहिमपुइया के खिलाफ मैदान में हैं। कोलनी के निष्कासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने इस पर चिंता जताई।
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कोलनी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस ईसाई बहुल राज्य में भाजपा की जीत से विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उनका कहना था कि संगठन के फैसले से उनको कोई परेशानी नहीं है। कोलनी ने कहा कि भाजपा को ईसाई-विरोधी कहना गलत होगा। इसबीच, एमएफसी ने कोलनी के खिलाफ और एमएनएफ उम्मीदवार लालथांगलियाना के खिलाफ चुप्पी को सही ठहराते हुए कहा है कि संगठन के एक मिशनरी कोलनी के भाजपा का उम्मीदवार बनने से संगठन को झटका लगा है।
एमएफसी के अध्यक्ष लालचुंगनुंगा ने कहा कि इस फैसले में कोई राजनीति नहीं है। पूर्णकालिक मिशनरी होने की वजह से वे राजनीति में शामिल नहीं हो सकते। उनकी दलील थी कि कोलनी पूर्णकालिक मिशनरी हैं जबकि लालथांगलियाना सिर्फ कार्यकारिणी सदस्य हैं। इसी वजह से उनके लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।