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मीरवाइज नजरबंद, यासीन मलिक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:15 AM IST
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YASIN MALIK
- फोटो : File Photo
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हुर्रियत की तरफ से आयोजित किए जा रहे सेमिनार से पहले अलगाववादियों पर शिकंजा कस दिया गया। हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज को नजरबंद और जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक हुर्रियत नेताओं को हिरासत में लिया गया है।
हुर्रियत ने पांच जनवरी को यूएनएससी द्वारा कश्मीर को लेकर पारित किए गए संकल्प संबंधी सेमिनार किया जाना था। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने इसे राज्य सरकार का डर बताया। ट्वीट करते हुए मीरवाइज ने लिखा कि तीन दिन बाद फिर से हाउस अरेस्ट।
पढ़ें- यासीन मलिक ने बताया मोदी के बयान का मतलब!
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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को उनके घर से गिरफ्तार कर श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल ले जाया गया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह सोचती है कि ऑपरेशन आल आउट के जरिये कश्मीरियों की इच्छा शक्ति को तोड़ा जाएगा, तो वो संभव नहीं है। फौजी ताकत के बलबूते पर आज तक किसी भी कौम नहीं दबाया जा सका है।
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हुर्रियत ने पांच जनवरी को यूएनएससी द्वारा कश्मीर को लेकर पारित किए गए संकल्प संबंधी सेमिनार किया जाना था। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मीरवाइज मौलवी उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने इसे राज्य सरकार का डर बताया। ट्वीट करते हुए मीरवाइज ने लिखा कि तीन दिन बाद फिर से हाउस अरेस्ट।
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इसके अलावा जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को उनके घर से गिरफ्तार कर श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल ले जाया गया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह सोचती है कि ऑपरेशन आल आउट के जरिये कश्मीरियों की इच्छा शक्ति को तोड़ा जाएगा, तो वो संभव नहीं है। फौजी ताकत के बलबूते पर आज तक किसी भी कौम नहीं दबाया जा सका है।