पैंतरा: मेहुल चोकसी ने भारतीय एजेंसियों पर लगाए कई आरोप, कहा- देश लौटने पर कर रहा हूं विचार
- डोमिनिका उच्च न्यायालय ने चोकसी (62) को इलाज कराने के लिए जमानत दी
- चोकसी के खिलाफ डोमिनिका में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने का आरोप
- चोकसी ने कहा, मैं जांच एजेंसियों के सहयोग के लिए हमेशा उपलब्ध हूं
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भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी डोमिनिका में जमानत मिलने के बाद एंटीगुआ एवं बारबुडा पहुंच गया है। डोमिनिका में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश के आरोप में वह 51 दिन तक वहां पर हिरासत में रहा। भारत से फरार होने के बाद चोकसी 2018 से एंटीगुआ एवं बारबुडा में रह रहा है, उसने वहां की नागरिकता भी ले ली है।
एंटीगुआ पहुंचने पर मेहुल चोकसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि 'मैं घर वापस आ गया हूं, लेकिन इस यातना ने मेरी आत्मा पर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से स्थायी निशान छोड़े हैं। मैं सोच भी नहीं सकता था कि भारतीय एजेंसियों द्वारा मेरा सारा कारोबार बंद करने और मेरी सारी संपत्तियां जब्त कर लेने के बाद, मेरे अपहरण का प्रयास किया जाएगा।'
चोकसी ने कहा कि 'कई बार, मैंने एजेंसियों को मुझसे पूछताछ करने के लिए यहां (एंटीगुआ) आने के लिए कहा क्योंकि स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मैं यात्रा नहीं कर पा रहा था। मैं जांच एजेंसियों के सहयोग के लिए हमेशा उपलब्ध हूं लेकिन इस अमानवीय अपहरण की मुझे कभी उम्मीद नहीं थी।'
Many times, I told agencies to visit here (Antigua) to interrogate me as due to health issues I was not able to travel anymore. I was always available for co-operation with the agency but this inhuman kidnapping was never expected by me: Fugitive diamantaire Mehul Choksi to ANI
— ANI (@ANI) July 15, 2021
चोकसी ने आगे कहा कि 'मैं भारत में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए लौटने पर विचार कर रहा हूं। मेरा स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से खराब है और मेरे अपहरण के बाद पिछले 50 दिनों में यह और ज्यादा खराब हो गया है। मैं भारत में अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हूं। मुझे नहीं पता कि मैं सामान्य शारीरिक या मानसिक स्थिति में वापस पहुंच पाऊंगा।'
चोकसी के खिलाफ डोमिनिका में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने का आरोप है, जबकि उसके वकीलों ने दावा किया है कि यह उसके अपहरण की साजिश थी। डोमिनिका उच्च न्यायालय ने चोकसी (62) को इलाज कराने के लिए जमानत दी है। एंटीगुआ न्यूज रूम की खबर के मुताबिक अदालत ने 10 हजार ईस्टर्न कैरेबिनयन डॉलर (करीब पौने तीन लाख रुपये) जमानत राशि के रूप में देने के बाद चोकसी को एंटीगुआ जाने की अनुमति दी।
इलाज के लिए एंटीगुआ पहुंचा है चोकसी
चोकसी ने जमानत मांगते हुए अपनी चिकित्सीय रिपोर्ट भी अदालत में पेश की थी, जिसमें ‘सीटी स्कैन’ भी शामिल था। रिपोर्ट में उसके ‘हेमाटोमा’ (मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी) संबंधी स्थिति बिगड़ने की बात कही गई थी। चिकित्सकों ने ‘न्यूरोलॉजिस्ट’ और एक ‘न्यूरोसर्जिकल’ सलाहकार द्वारा चोकसी की चिकित्सा स्थिति की तत्काल समीक्षा कराने की सलाह दी थी। ‘सीटी स्कैन’ की रिपोर्ट 29 जून की है, जिस पर डोमिनिका के प्रिंसेस मार्गरेट हॉस्पिटल के चिकित्सकों येरंडी गाले गुटिरेज़ और रेने गिल्बर्ट वेरानेस ने हस्ताक्षर किए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इलाज की ये सुविधाएं फिलहाल डोमिनिका में उपलब्ध नहीं हैं।’
पीएनबी बैंक से 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला
गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले में वांछित हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी 23 मई को एंटीगुआ एवं बारबुडा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बाद में उसे पड़ोसी देश डोमिनिका में गैरकानूनी रूप से दाखिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। चोकसी के वकीलों ने आरोप लगाया है कि 23 मई को एंटीगुआ के जोली हार्बर से उसका कुछ पुलिसकर्मियों ने अपहरण कर लिया था। ये पुलिसकर्मी एंटीगुआ तथा भारत के नागरिक लग रहे थे, जो एक नौका में उसे डोमिनिका ले गए।