विवाद: भारत ने खारिज की गलवां घाटी की घटना पर चीन की टिप्पणी, कहा- हमारी स्थिति स्पष्ट
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को गलवां घाटी में हुई घटनाओं को लेकर चीन की टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया। इसके साथ ही बागची ने चीन को नियमों और समझौतों का पालन करने की नसीहत दी।
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गलवां घाटी में हुई घटना पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी पर शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रतिक्रिया दी। बागची ने कहा कि हम ऐसे बयानों को सिरे से खारिज करते हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुई घटनाओं को लेकर हमारी स्थिति स्पष्ट और स्थायी है। बता दें कि चीन ने पिछले साल जून में गलवां घाटी संघर्ष के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इस संघर्ष में 20 भारतीय और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। चीन ने कहा था कि नई दिल्ली ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया।
अरिंदम बागची ने कहा कि यह हमारे बीच हुए सभी द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन में यथास्थिति को बदलने के लिए चीनी पक्ष की ओर से किए गए उत्तेजक व्यवहार और एकतरफा प्रयास थे, जिसके परिणामस्वरूप शांति और व्यवस्था में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हुईं। उन्होंने कहा कि इसका असर हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ा है।
हालांकि, इसके साथ ही बागची ने उम्मीद जताई कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी से जुड़े अन्य मुद्दों का समाधान करने के लिए चीन सकारात्मक दिशा में काम करेगा और द्विपक्षीय समझौतों का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने इस महीने की शुरुआत में अपने चीनी समकक्ष के साथ हुई बैठक में भी इस पर जोर दिया था।
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इस वीडियो का शीर्षक है, 'क्रोनोलॉजी समझिए', इसमें पिछले पांच साल में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच चल रहे तनावों को लेकर कई समाचार रिपोर्ट हैं। 54 सेकेंड के इस वीडियो में पूर्वी लद्दाख में हुए विवाद की शुरुआत से अब तक की कहानी बताई गई है।