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एमबीबीएस की फीस हुई दो करोड़, कैसे चुका पाएंगे आप फीस?
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 26 Aug 2016 03:10 PM IST
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तमिलनाडु में एमबीबीएस की पढ़ाई करने की फीस दो करोड़ रुपए हो गई है। 17 अगस्त को सीबीएसई ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट घोषित किया, जिसके बाद सूबे के प्राइवेट कॉलेजों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की फीस दोगुनी कर दी गई है, जो दो करोड़ तक पहुंचती है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अमूमन राज्य के अच्छे कालेजों में एमबीबीएस करने के लिए तकरीबन 1 करोड़ 85 लाख रुपए चुकाने पड़ते हैं। जिसमें 1 करोड़ रुपए बतौर ट्यूशन फीस के वसूले जाते हैं, और 85 लाख रुपए केपिटेशन फीस के।
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सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और डीम्ड विश्वविद्यालयों ने फरमान जारी किया है कि छात्रों का दाखिला मेरिट के आधार पर ही होगा।
अभिभावकों को मोटी रकम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है?
नए नियम के आधार पर छात्र कई कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन दे सकते हैं, लेकिन उनका दाखिला नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट की रैंक के आधार पर ही होगा।
छात्रों के अभिभावकों को केपिटेशन फीस (व्यक्तिगत फीस) भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह रकम 40 लाख से 85 लाख तक है।
कुछ अभिभावकों का कहना है कि जब दाखिला मेरिट के आधार पर होना है तो उनसे इतनी भारी रकम क्यों ली जा रही है? इस पर कॉलेजों का प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट से जारी नहीं किए गए किसी प्रकार के दिशा निर्देशों का हवाला दे रहे हैं।
छात्रों के अभिभावकों को केपिटेशन फीस (व्यक्तिगत फीस) भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह रकम 40 लाख से 85 लाख तक है।
कुछ अभिभावकों का कहना है कि जब दाखिला मेरिट के आधार पर होना है तो उनसे इतनी भारी रकम क्यों ली जा रही है? इस पर कॉलेजों का प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट से जारी नहीं किए गए किसी प्रकार के दिशा निर्देशों का हवाला दे रहे हैं।