{"_id":"583618824f1c1b262413c6a4","slug":"mathura-the-fake-banks-officials-of-banks-under-scrutiny","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपीः बैंकों में जमा हुए लाखों के नकली नोट, आरबीआई ने जारी किया अलर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूपीः बैंकों में जमा हुए लाखों के नकली नोट, आरबीआई ने जारी किया अलर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा
Updated Thu, 24 Nov 2016 08:13 AM IST
विज्ञापन
note
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की बैंकों में नकली नोट जमा करा दिए गए। खास बात यह है कि सारे दिन नोटों को गिनने वाले भी असली-नकली की पहचान नहीं कर पाए। रिजर्व बैंक के खजाने तक रुपये पहुंच गए। यहां जांच के बाद खुलासा होने पर सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई, जबकि कई बैंकों के अफसर जांच के घेरे में आ गए हैं। नकली नोटों के सौदागरों ने ब्रज की बैंकों में सेंधमारी करते हुए नकली नोटों को खामोशी के साथ चला दिया।
विज्ञापन
इसमें 100 रुपये से लेकर 1000 तक के नकली नोट जमा कराए गए हैं। 500 के नकली नोट भी बैंकों तक पहुंच गए। स्थिति यह है कि एटीएम भी नकली नोट उगलने लगे थे। कई जिलों में खुफिया एजेंसियों ने भी रिपोर्ट दी थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नकली नोट बड़े पैमाने पर खपाए जा रहे हैं। सितंबर में रिजर्व बैंक ने भी अलर्ट जारी किया था, लेकिन फिर भी बैंक वाले इन नकली नोटों को पहचान नहीं पाए।
विज्ञापन
मथुरा होलीगेट पर स्थित सिंडीकेट बैंक में ही नकली नोट जमा करा दिए गए। पता भी तब चला जब रिजर्व बैंक में चेकिंग कराई गई। अक्तूबर में जो कैश भेजा गया था उसमें 100 के 23 नोट और 500 का एक नोट फिलहाल नकली मिला है। इस मामले में रिजर्व बैंक कानपुर के प्रबंधक सत्यकुमार ने सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है। मामले में जांच भी बैठा दी गई है। जांच के दायरे में बैंक प्रशासन के कई अधिकारी आ सकते हैं।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक ने जारी किया अलर्ट
रिजर्व बैंक ने अलर्ट जारी कर दिया है। सभी बैंक प्रबंधकों को भेजे पत्र में कहा है कि इस समय बड़े पैमाने पर 1000 और पांच सौ के नोट जमा कराए जा रहे हैं लिहाजा विशेष ध्यान देने की जरूरत है। भीड़भाड़ और काम की आपाधापी के बीच नकली नोटों को चलाने की गुंजाइश ज्यादा रहती है। लिहाजा हर नोट को बारीकी के साथ चेक किया जाए। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।