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आतंकी मसूद अजहर के गुर्दे खराब, पाक सेना के अस्पताल में होता है डायलिसिस
Sat, 02 Mar 2019 02:53 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 02 Mar 2019 02:53 PM IST
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मसूद अजहर
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का संस्थापक मसूद अजहर के गुर्दे खराब हो गए हैं और वह पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सेना अस्पताल में नियमित डायलिसिस करवाता है। यह बातें एक अधिकारी ने कहीं। सुरक्षा अधिकारियों ने यह बातें तब कहीं जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा के जेईएम का मुखिया बीमार है।
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एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, 'हालिया रिपोर्ट इस बात का संकेत देती है कि अजहर के गुर्दे खराब हो गए हैं और वह पाकिस्तान सेना के मुख्यालय में स्थित अस्पताल में नियमित तौर पर डायलिसिस करवा रहा है।' कुरैशी ने गुरुवार को स्वीकारा था कि मेरी जानकारी के अनुसार वह पाकिस्तान में है। वह इतना बीमार है कि अपना घर भी नहीं छोड़ सकता है।
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जैश के मुखिया की ओसामा बिन लादेन से काफी नजदीकी थी। अधिकारी ने कहा कि 50 साल का आतंकवादी सरगना इतना प्रभावशाली है कि जब इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी 814 को आतंकवादियों के कब्जे से छुड़ाने के बदले में भारत ने उसे कंधार में 31 दिसंबर 1999 को रिहा किया था तो लादेन ने उसी रात उसके लिए भोज आयोजित किया था।
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भोज में लादेन ने बताया था कि कैसे वह और अजहर 1993 में मिलकर काम किया करते थे। अजहर को 1994 में जम्मू-कश्मीर में जिहाद का पाठ पढ़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने ब्रिटिश नागरिक ओमार शेख की भर्ती आतंकी संगठन हरकत-उल-अंसार (एचयूए) के सदस्य के तौर पर की थी।
शेख ने 1994 में भारत में चार विदेशी पर्यटकों का अपहरण किया था ताकि अजहर की रिहाई सुनिश्चित करवाई जा सके। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने शेख की गिरफ्त से चारों पर्यटकों को रिहा करवा लिया था। इसके बाद 1995 में दोबारा (एचयूए) ने पर्यटकों का अपहरण किया था और अजहर की रिहाई के लिए उन्हें मार दिया था।
अजहर की रिहाई के बाद जैश की स्थापना हुई और उसने जम्मू कश्मीर में पहला आत्मघाती हमला अप्रैल 2001 में श्रीनगर कैंट के बदामी बाग में किया था। इसे 24 साल के आत्मघाती हमलावर आसिफ सादिक ने अंजाम दिया था जो बर्मिंघम में पढ़ने वाला छात्र था।