फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Massive eviction drive in Assam Sonitpur amid heavy security

Assam: सोनितपुर में अवैध निर्माण पर बड़ा प्रहार, सैकड़ों मकान ढहाए, 330 एकड़ जमीन मुक्त होगी

Sat, 03 Sep 2022 11:32 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनितपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 03 Sep 2022 11:32 AM IST
सार

ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बरचल्ला में नंबर 3 चीतलमारी क्षेत्र में घरों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया गया है। करीब 50 एक्सकेवेटरों और भारी मशीनरी तथा बड़ी संख्या में श्रमिकों को इस कार्रवाई के लिए तैनात किया गया है। 

विज्ञापन
Massive eviction drive in Assam Sonitpur amid heavy security
Anti-encroachment drive in Sonitpur district - फोटो : ANI

विस्तार

असम के सोनितपुर जिले में आज सुबह भारी सुरक्षा बंदोबस्त के साथ अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान 330 एकड़ जमीन मुक्त कराई जा रही है। 

विज्ञापन

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर बरचल्ला में नंबर 3 चीतलमारी क्षेत्र में घरों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया गया है। करीब 50 एक्सकेवेटरों और भारी मशीनरी तथा बड़ी संख्या में श्रमिकों को इस कार्रवाई के लिए तैनात किया गया है। 
विज्ञापन


शांतिपूर्वक चल रही कार्रवाई
अधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई अब तक शांतिपूर्वक चल रही है। कानून व व्यवस्था में अभी कोई खलल नहीं पड़ा है। कार्रवाई आज सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई। इससे पहले ही इस इलाके में बने अवैध मकानों व अन्य ढांचों को छोड़कर लोग चले गए थे। उन्हें पहले ही नोटिस दिया जा चुका था। कार्रवाई तीन चरणों में चल रही है। पहले चरण की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। कार्रवाई को निर्बाध चलाने के लिए असम पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। ये दंगा रोधी उपकरणों से लैस हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


299 परिवार रह रहे थे अवैध मकानों में
इस इलाके में कब्जाए गई जमीन पर बने मकानों में 299 परिवार रह रहे थे। इनमें से 90 फीसदी से ज्यादा आठ माह पहले दिए गए नोटिस के बाद वहां से अन्यत्र जा चुके थे। बेदखल किए गए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके पुनर्वास के कोई इंतजाम नहीं किए। हम यहां दशकों से रह रहे थे। एक महिला ने कहा कि हम यहां दशकों से रह रहे हैं। हमारे पास कोई नौकरी नहीं है।हमें नहीं पता कि अब हम कहां जाएंगे और कहां रहेंगे। 
सोनितपुर जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों क्षेत्र में 31 अगस्त से गश्त कर रहे थे। उन्होंने लोगों को स्वेच्छा से जमीन खाली करने के लिए प्रेरित किया।ज्यादातर लोग मान चुके हैं कि यह सरकारी जमीन है। अतिक्रमण मुक्त करने के बाद इसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जाएगा। 

सबसे ज्यादा बंगाली मुस्लिमों का कब्जा था
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दशक पहले ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी तट पर नौगांव और मोरीगांव जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव के बाद बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र में आ गए थे। क्षेत्र की जनसांख्यिकी के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि यहां कई समुदायों का मिश्रण है, लेकिन सबसे अधिक परिवार बंगाली भाषी मुसलमानों के थे। इसके बाद बंगाली हिंदू और गोरखाओं के थे।



इलाके से दो बार के भाजपा विधायक गणेश कुमार लिम्बु ने दावा किया कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवारों के घर अन्य क्षेत्रों में भी हैं। इसीलिए अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के पहले ही ये बिना किसी विरोध के चले गए। अधिकारियों ने बताया कि असम सरकार इस जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाने जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed