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केरल सरकार ने कोच्चि अपार्टमेंट परिसरों को तोड़ना, फ्लैट खाली करने की प्रक्रिया शुरू की
Sun, 29 Sep 2019 10:02 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 29 Sep 2019 10:02 PM IST
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केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (फाइल फोटो)
केरल सरकार ने रविवार को कोच्चि में चार अपार्टमेंट परिसरों को खाली कराने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी। अधिकारी फ्लैट मालिकों को घर बदलने में मदद कर रहे हैं। वहीं एक वर्ग ने फ्लैट खाली करने के लिए ज्यादा समय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
उच्चतम न्यायालय ने इन अपार्टमेंटों को तोड़ने का आदेश दिया है।
फोर्ट कोच्चि के उप कलेक्टर एस कुमार सिंह ने बताया कि फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया तीन अक्टूबर से पहले पूरी की जाएगी।
उन्हें मरादु नगर निकाय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जहां 343 फ्लैटों का निर्माण तटीय विनियमन क्षेत्र मानदंड का उल्लंघन करके किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाएगा और नगर निकाय के अधिकारी निवासियों को बताएंगे कि उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करना ही होगा और उनके पुनर्वास में मदद की पेशकश की गई है।
इस बीच, फ्लैटों में रहने वाले लोगों का एक वर्ग एक अपार्टमेंट परिसर के सामने ‘भूख हड़ताल’ पर बैठ गया है। उसकी मांग है कि घर खाली करने के लिए अधिक वक्त दिया जाए और सरकार वैल्कपिक मकान का किराया वहन करे।
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपार्टमेंट परिसरों को 138 दिनों के अंदर तोड़ने और प्रत्येक फ्लैट मालिक को चार हफ्ते के अंदर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था।
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उच्चतम न्यायालय ने इन अपार्टमेंटों को तोड़ने का आदेश दिया है।
फोर्ट कोच्चि के उप कलेक्टर एस कुमार सिंह ने बताया कि फ्लैटों को खाली कराने की प्रक्रिया तीन अक्टूबर से पहले पूरी की जाएगी।
उन्हें मरादु नगर निकाय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है जहां 343 फ्लैटों का निर्माण तटीय विनियमन क्षेत्र मानदंड का उल्लंघन करके किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जाएगा और नगर निकाय के अधिकारी निवासियों को बताएंगे कि उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करना ही होगा और उनके पुनर्वास में मदद की पेशकश की गई है।
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इस बीच, फ्लैटों में रहने वाले लोगों का एक वर्ग एक अपार्टमेंट परिसर के सामने ‘भूख हड़ताल’ पर बैठ गया है। उसकी मांग है कि घर खाली करने के लिए अधिक वक्त दिया जाए और सरकार वैल्कपिक मकान का किराया वहन करे।
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अपार्टमेंट परिसरों को 138 दिनों के अंदर तोड़ने और प्रत्येक फ्लैट मालिक को चार हफ्ते के अंदर 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था।