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Hindi News ›   India News ›   Mann Ki Baat: PM Narendra Modi talks 105 year old Bageerathi Amma from Kollam Kerala 

पीएम मोदी ने मन की बात में किया भागीरथी अम्मा का जिक्र, 105 साल की उम्र में पास की चौथी कक्षा

Sun, 23 Feb 2020 01:14 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Sun, 23 Feb 2020 01:14 PM IST
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Mann Ki Baat: PM Narendra Modi talks 105 year old Bageerathi Amma from Kollam Kerala 
105 वर्ष की भागीरथी अम्मा - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 62वें 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। इस साल पीएम मोदी का यह दूसरा मन की बात रेडियो कार्यक्रम था। मन की बात में पीएम मोदी ने केरल की 105 साल की बुजुर्ग महिला का जिक्र किया। 

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पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम जीवन में प्रगति करना चाहते हैं, विकास करना चाहते हैं, कुछ कर गुजरना चाहते हैं तो पहली शर्त यही होती है, कि हमारे भीतर का विद्यार्थी कभी मरना नहीं चाहिए। हमारी 105 वर्ष की भागीरथी अम्मा, हमें यही प्रेरणा देती हैं। 
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पीएम मोदी ने कहा, 10 साल से कम उम्र में उन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था। 105 साल की उम्र में उन्होंने फिर स्कूल शुरू किया, पढ़ाई शुरू की। इतनी उम्र होने के बावजूद उन्होंने चौथी कक्षा की परीक्षा दी और 75 फीसदी अंक प्राप्त किए। इससे पहले पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस पर शाम छह बजे 'मन की बात' की थी। वो उनका साल का पहला रेडियो कार्यक्रम था। 

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केरल साक्षरता मिशन की सबसे पुरानी विद्यार्थी

कहते हैं पढ़ाई करने की कोई उम्र नहीं होती, यह बात केरल की 105 साल की बुजुर्ग महिला ने साबित कर दी। कोल्लम के पराकुलम से 105 वर्षीय भागीरथी अम्मा ने नवंबर 2019 में चौथी कक्षा की परीक्षा दी थी। जब उनका रिजल्ट आया तो उन्होंने 74.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। भागीरथी अम्मा केरल राज्य साक्षरता मिशन की सबसे पुरानी विद्यार्थी भी बन गईं। 

आठ साल की उम्र में छूटी पढ़ाई

भागीरथी अम्मा ने केरल राज्य साक्षरता मिशन में हिस्सा लिया और इसके साथ ही सबसे अधिक उम्र वाली विद्यार्थी बन गईं। मां की असमय मृत्यु के बाद भागीरथी अम्मा की पढ़ाई आठ साल की उम्र में छूट गई और वो परिवार संभालने लगीं। 



आठ साल की उम्र में अपने भाई-बहनों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। पति की मौत के बाद उनपर अकेले ही अपने छह बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। भागीरथी अम्मा ने यह साबित कर दिया कि इन्सान किसी भी उम्र में पढ़ सकता है।

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