कांग्रेस के लिए बड़े प्रासंगिक हो चले हैं मनमोहन
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दस साल के शासन के बाद कांग्रेस 2014 के आम चुनाव में भले ही केवल 44 सीट ला पाई हो, लेकिन मनमोहन पार्टी के लिए काफी प्रासंगिक हो चले हैं। कांग्रेस ने मनमोहन सिंह को पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए जारी होने वाले घोषणा पत्र के लोकार्पण के लिए मनमोहन सिंह को खास तौर से आमंत्रित किया था।
इतना ही नहीं 11 जनवरी को तालकटोरा स्टेडियम में जन संवेदना सम्मेलन के लिए आर्थिक दस्तावेजों को मनमोहन सिंह ने ही अंतिम रूप दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि नोटबंदी के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में मनमोहन सिंह खुलकर अपनी बात रखेंगे। वह न केवल केन्द्र सरकार को घेरेंगे बल्कि देश को हुए आर्थिक नुकसान के बारे में भी बताएंगे। इससे पहले मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कामकाज का पूरा समय दिया।
उन्होंने पहली बार केन्द्र सरकार के 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद की नीति की खुले तौर पर आलोचना की। पूर्व प्रधानमंत्री ने केन्द्र सरकार के इस फैसले को संवैधानिक लूट बताया। इतना ही नहीं मनमोहन सिंह द्वारा राज्यसभा में दिए गए कुछ मिनट के वक्तव्य पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी प्रतिक्रिया देनी पड़ी थी। कांग्रेस के एक महासचिव का कहना है कि मनमोहन सिंह के वक्तव्य को तमिल, तेलगू, मलयालम, हिन्दी समेत तमाम भाषाओं के अखबारों से काटकर लोगों ने इसकी फोटो प्रतियां भी बांटी।
मनमोहन सिंह की तारीफ में खुद गुलाम नबी आजाद कहते हैं कि उनके अर्थशास्त्र की समझ पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। वह दुनिया के गिने अर्थशात्रियों में हैं और मौजूदा सरकार उनके समय में बनाई गई नीतियों को ही आगे बढ़ा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शालीनता भरा जीवन जीते हैं। वह मीडिया और प्रचार-प्रसार से दूर रहते हैं। हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विश्व के मित्र शिखर नेताओं के साथ फोटो जारी की थी। इसमें भी मनमोहन सिंह प्रमुखता से थे। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका(ओबामा) ने कोई तस्वीर जारी नहीं की।
हिस्ट्री विल जज मी : मनमोहन
प्रधानमंत्री पद से मुक्त होने के आखिरी समय में मनमोहन सिंह जब उनके कामकाज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब में कहा था- हिस्ट्री विल जज मी।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने मन मोहन सिंह को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री से गुफ्तगू की और इस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जोरदार चुटकी ले ली थी। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा था कि नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति और नीतियों को समझने के लिए मनमोहन को आमंत्रित किया था। मनमोहन ने उन्हें इसके गुण सिखाए हैं।