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मणिपुर: राज्यपाल उइके ने चुराचांदपुर का किया दौरा, कहा- राज्य में शांति लाना मेरी पहली प्राथमिकता
Mon, 12 Jun 2023 10:26 PM IST
स्वप्निल शशांक
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 12 Jun 2023 10:26 PM IST
सार
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा, शांति समिति के अध्यक्ष के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं राजनेताओं, अधिकारियों, विभिन्न अन्य नेताओं सहित सभी समुदायों से सुझाव और प्रतिक्रिया लूं और राज्य में शांति लाऊं।
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राज्यपाल अनुसुइया उइके
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हिंसाग्रस्त मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने सोमवार को चुराचांदपुर जिले का दौरा किया और राज्य में जारी संकट के बीच जमीनी हालात का जायजा लिया। अपनी पहली यात्रा के दौरान, राज्यपाल उइके ने चुराचंदपुर गवर्नमेंट कॉलेज, साल्ट ब्रुक स्कूल और सेंट मैरी स्कूल नामक तीन राहत केंद्रों का दौरा किया और भोजन, स्वच्छ पानी और दवाओं सहित बुनियादी आवश्यकताएं प्रदान करने का आश्वासन दिया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा, शांति समिति के अध्यक्ष के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं राजनेताओं, अधिकारियों, विभिन्न अन्य नेताओं सहित सभी समुदायों से सुझाव और प्रतिक्रिया लूं और राज्य में शांति लाऊं। इसके बाद राज्यपाल ने 27 असम राइफल्स, तुइबोंग में इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) सहित कई सीएसओ के साथ भी बैठक की। आईटीएलएफ ने मणिपुर के आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।
सूत्रों के मुताबिक आईटीएलएफ ने ज्ञापन में कहा है कि मैतेई समुदाय ने कुकी समुदाय के खिलाफ एक तरह से युद्ध छेड़ रखा है। ऐसे में शांति वार्ता करना सही नहीं है। खासकर जबकि सरकार समिति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, हमारा एक मात्र समाधान राजनीतिक समाधान है, जो अलग प्रशासन है।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने कहा, शांति समिति के अध्यक्ष के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं राजनेताओं, अधिकारियों, विभिन्न अन्य नेताओं सहित सभी समुदायों से सुझाव और प्रतिक्रिया लूं और राज्य में शांति लाऊं। इसके बाद राज्यपाल ने 27 असम राइफल्स, तुइबोंग में इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) सहित कई सीएसओ के साथ भी बैठक की। आईटीएलएफ ने मणिपुर के आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।
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सूत्रों के मुताबिक आईटीएलएफ ने ज्ञापन में कहा है कि मैतेई समुदाय ने कुकी समुदाय के खिलाफ एक तरह से युद्ध छेड़ रखा है। ऐसे में शांति वार्ता करना सही नहीं है। खासकर जबकि सरकार समिति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, हमारा एक मात्र समाधान राजनीतिक समाधान है, जो अलग प्रशासन है।
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