जानिए किस तरह मणिपुर के CM ने पूरा किया BJP का सबसे बड़ा चुनावी वादा
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मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मेनिफेस्टो में वायदा किया था कि वह आर्थिक नाकेबंदी को बंद करवाएगी। जिसके बाद मुख्यमंत्री बिरेन सिंह ने एक बेहतरीन रणनीति बनाते हुए लंबे समय से जारी इस नाकेबंदी को खत्म करवा दिया। कार्यभार संभालते ही मुख्यमंत्री ने इस समस्या को खत्म करने के लिए कई योजनाओं पर विचार किया गया, वहीं फोर्स का भी इस्तेमाल किए जाने पर भी विचार किया गया।
सीएम बनने के बाद सिंह जनता से अपने पहले संबोधन के बाद लोगों से शांति बनाते हुए इस समस्या से निदान पाने की बात कही। जिसके बाद उन्होंने नागा समुदाय और मितैई समुदाय से बातकर दोनों समुदायों को भरोसे में लिया। दोनों ही समुजदाय में विभाजन की एक रेखा रही है। उन्होंने वादा किया कि सरकार सबका विकास करना चाहती है। सिंह ने नागा समुदाय के साथ कैबिनेट मीटिंग कर भरोसा भी दिलाया।
नाकेबंदी को खत्म नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ सीआरपीएफ
जिसके बाद सिंह ने संगठन यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) को आगाह करते हुए कहा कि अगर वह नाकेबंदी को खत्म नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ सीआरपीएफ की 127 कंपनियों और असम राइफ्लस की 22 बटालियन को तैनात कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ उन्होंने नागा संगठन को बातचीत का न्यौता भी दिया।
जिसके बाद सिंह ने यूएनसी के साथ बातचीत के बाद नाकेबंदी को खत्म करने के लिए राजी कर लिया गया। इस मीटिंग की अध्यक्षता केद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (उत्तर-पूर्व) ने की थी।
यूएनसी के अध्यक्ष जी. कामेई और संगठन के सचिव स्टीफन लामकांग को राज्य सरकार ने रिहा कर दिया। दोनों को पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार कर लिया गया था। यह नाकाबंदी कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे ओकराम इबोबी सिंह के दो नए जिले बनाने के ऐलान के बाद ही लागू कर दी गई थी।