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हैवानियत: शख्स ने अपनी बेटी से किया कई बार दुष्कर्म, अदालत ने सुनाई 106 साल जेल की सजा

Tue, 10 May 2022 10:11 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: Amit Mandal Updated Tue, 10 May 2022 10:11 PM IST
सार

अदालत ने इस शख्स पर पांचों अपराधों के लिए कुल 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि उसकी सजाएं एक साथ चलेंगी और वह 25 साल ही जेल में रहेगा। 
 

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Man gets 106 years in jail for repeatedly exploiting, impregnating minor daughter
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

केरल की एक विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने 2015 से अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में एक व्यक्ति को पॉक्सो एक्ट के तहत कई अपराधों के लिए 106 साल के कारावास की सजा सुनाई है। बार-बार दुष्कर्म किए जाने से लड़की 2017 में गर्भवती हो गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उदयकुमार ने इस व्यक्ति को 106 साल की सजा सुनाई। पॉक्सो अधिनियम के तहत नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म करने, उसे गर्भवती करने, 12 साल से कम उम्र के बच्चे से दुष्कर्म और माता-पिता, रक्त संबंधी या अभिभावक द्वारा दुष्कर्म के अलग-अलग अपराधों के लिए 25 साल की जेल की सजा दी गई। हालांकि, दोषी केवल 25 साल की जेल की सजा काटेगा क्योंकि अदालत ने कहा कि सजा एक साथ चलेगी।

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कुल 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
यहां नेय्यत्तिनकारा में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग के बार-बार यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए दोषी को एक और साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर पांचों अपराधों के लिए कुल 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। राज्य की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अजित थंकाय्या ने कहा कि यह घटना 2017 में सामने आई जब लड़की गर्भवती हुई। शुरुआत में उसने अपनी मां और पुलिस के पूछने के बावजूद यह खुलासा नहीं किया था कि अपराधी कौन है। बाद में जब उसे परामर्श के लिए बाल कल्याण केंद्र (सीडब्ल्यूसी) भेजा गया, तो उसने खुलासा किया कि उसका पिता दो वर्षों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। तब वह सातवीं कक्षा में पड़ती थी और उस दौरान उसकी माँ घर पर नहीं रहती थी।  
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एसपीपी ने कहा कि लड़की ने सीडब्ल्यूसी अधिकारियों को यह भी बताया था कि रबर ट्री-टैपर के तौर पर काम करने वाले उसके पिता ने कहा था कि वह बलात्कार के बारे में किसी को नहीं बताए, अन्यथा पुलिस उन दोनों को गिरफ्तार कर लेगी। आरोपी पिता को 2017 में गिरफ्तार किया गया था और जमानत के लिए उनकी याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था। एसपीपी ने कहा कि विशेष अदालत ने पीड़िता के बयान और डीएनए सबूतों के आधार पर उसे दोषी ठहराया, जिससे साबित होता है कि आरोपी उसकी बेटी के बच्चे का पिता था।

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