ट्रेन में चूहे ने काटी उंगली, 11 घंटे बाद रेलवे से मिला इलाज
- यात्री ने किया था प्रभु को ट्वीट
- प्रभु से जवाब तो मिला लेकिन नहीं हुआ इलाज
- उपभोक्ता फोरम जा सकते हैं नायर
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एक ओर देश में बुलेट और हाईस्पीड ट्रेन लाए जाने की बात हो रही है वहीं दूसरी ओर मैंगोलर एक्सप्रेस में सवार एक यात्री को चूहे ने काट लिया तो उन्हें 11 घंटे बाद जाकर सही इलाज मिला। सही इलाज न मिलने तक लगातार उनके पैर से खून बहता रहा। घटना बीते सोमवार रात की है जब टीके जी नायर मैंगलोर एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक चूहे ने काट लिया।
उन्होंने बताया कि इलाज के लिए उन्होंने रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्वीट करके जानकारी दी जिस पर उन्होंने जल्द इलाज की बात कही लेकिन उन्हें कोई इलाज नहीं मिल सका। नायर ने बताया कि वे कोट्टायम से मंगलौर तक की यात्रा कर रहे थे। आधी रात के करीब उन्हें अपने एसी थ्री टीयर कंपार्टमेंट में झटका लगा। जब मैं जगा तो मैंने देखा कि वहां से एक चूहा जा रहा था। सारे यात्रियों के सोने की वजह से मैं वहां मौजूद एसी मैकेनिक के पास गया, जिसने टीटीई को इसके बार में बताया।
टीटीई ने कई फोन किए और फिर बताया कि एर्नाकुलम जंक्शन पर मेडिकल टीम मेरी जांच करेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
ट्रेन कुन्नुर पहुंची तो आधा इलाज मिला
नायर के मुताबिक उनसे कहा गया कि त्रिशूर में एक डॉक्टर आकर जांच करेंगे। लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। फिर टीटीई का अधिकार क्षेत्र खत्म होते ही वो बिना कुछ कहे सुने वहां से चला गया।
अगले दिन सुबह ट्रेन जह कुन्नूर पहुंची तो उन्होंने भी सिर्फ जख्म एंटी सेप्टिक के साफ कर दिए लेकिन इंजेक्शन के लिए कहा कि उनके पास कोई स्टाफ नहीं है। आखिर में जब ट्रेन मंगलौर पहुंची तो मुझे इंजेक्शन लगाया गया और दवाइयां दी गई।
64 वर्षीय नायर ने कहा कि वो इस के लिए उपभोक्ता फोरम जा सकते हैं। गौरतलब है कि बीती फरवरी में रेलवे ने मुंबई - एर्नाकुलम दूरंतो एक्सप्रेस के एसी कोच में कोट्टायम के यात्री को चूहे काटने के बाद 13 हजार रुपए मुआवजा दिया थे।