{"_id":"59694db24f1c1bcb638b4619","slug":"malaysian-prabagaran-executed-in-singapore","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंगापुर में भारतवंशी युवक को दी गई फांसी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सिंगापुर में भारतवंशी युवक को दी गई फांसी
एजेंसी, सिंगापुर
Updated Sat, 15 Jul 2017 04:33 AM IST
विज्ञापन
S. Prabagaran
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को ड्रग्स तस्करी के दोषी 29 साल के भारतीय मूल के मलयेशियाई नागरिक को फांसी दे दी गई। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों के सजा पर रोक लगाने की मांग के बावजूद ये फैसला लिया गया। आरोपी प्रबागरन श्रीविजयन को 2014 में मौत की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
सेंट्रल नार्कोटिक्स ब्यूरो के मुताबिक श्रीविजयन को सिंगापुर के चांगी प्रिजन कॉम्प्लेक्स में मौत की सजा दी गई। उसे 22.24 ग्राम ‘डाईमॉरफिन’ ड्रग्स के साथ 2012 में सिंगापुर में प्रवेश करते हुए पकड़ा गया था। उस दौरान श्रीविजयन की गाड़ी से ड्रग्स के दो पैकेट मिले थे।
विज्ञापन
श्रीविजयन के वकील ने बृहस्पतिवार को सिंगापुर कोर्ट में इस आधार पर अपने क्लाइंट की मौत की सजा को रोकने की मांग की थी, कि उनकी अपील अभी मलयेशिया में लंबित है। न्यायाधीशों का कहना था कि किसी और देश में सुनवाई के कारण यहां सजा को रोकना ‘प्रक्रिया का दुरुपयोग’ है।
विज्ञापन
हर देश की न्यायपालिका को अपने संविधान और कानून के अनुसार चलने का अधिकार है और किसी को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्रीय कार्यालय ने फांसी की सजा रोकने को कहा था। संयुक्त राष्ट्र का कहना था कि ड्रग्स से जुड़े अपराध अत्यधिक गंभीर अपराधों में नहीं आते। इसके लिए मौत की सजा देना अनिवार्य नहीं है।