Maharashtra: गोखले इंस्टीट्यूट के चांसलर बने रहेंगे संजीव सान्याल; बीड मस्जिद धमाका केस के दो आरोपियों पर UAP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजीव सान्याल पुणे स्थित गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (जीआईपीई) के चांसलर बने रहेंगे। सर्वेंट ऑफ इंडिया सोसाइटी (एसआईएस) ने सान्याल को चांसलर पद से हटाने के फैसले को दो दिन बाद ही वापस ले लिया है। एसआईएस की तरफ से शनिवार को जारी पत्र में सान्याल से पद पर बने रहने का अनुरोध किया गया है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य सान्याल को शैक्षणिक स्तर में गिरावट का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को पद से हटा दिया गया था। सान्याल ने अपने जवाब में बताया कि संस्थान की मूल संस्था एसआईएस की ओर से उद्धृत एनएएसी मान्यता उस अवधि के आंकड़ों पर आधारित थी, जब वह पद पर नहीं थे।
बीड मस्जिद धमाका केस के दो आरोपियों पर UAPA
महाराष्ट्र के बीड जिले में मस्जिद विस्फोट मामले में गिरफ्तार दो व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को 'आतंकवादी कृत्य' के लिए कठोर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा जोड़ी हैं। यह विस्फोट 30 मार्च को ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर जियोराई तहसील के अर्ध मसला गांव में एक मस्जिद में हुआ था। जुलूस के दौरान दो समूहों के बीच विवाद के बाद मस्जिद में जिलेटिन की छड़ें फट गई थीं। घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार व्यक्तियों में विजय राम गव्हाने (22) और श्रीराम अशोक सागड़े (24) शामिल हैं।
ठाणे में सात मंजिला इमारत में आईं दरारें, लोगों को सुरक्षित निकाला गया
उलेमा बोर्ड ने कहा- वक्फ विधेयक 'काले कानून' से भी ज्यादा खतरनाक
ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने वक्फ विधेयक को पहले के 'काले' और 'जंगल कानून' से भी अधिक खतरनाक बताया है। बोर्ड ने दावा किया है कि यह मस्जिदों और मदरसों जैसी इस्लामी संपत्तियों को खतरे में डालता है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्लामा बानी नईम हसनी ने इस संबंध में शनिवार को मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नए विधेयक की मुख्य समस्या यह है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी वक्फ संपत्ति पर दावा करता है, तो किसी दूसरे सरकारी कर्मचारी द्वारा ही इस मामले का फैसला किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कर्मचारी द्वारा लिए गए फैसले को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह से सभी इस्लामी संपत्तियां खत्म हो जाएंगी और यहां तक कि सिख, ईसाई और अन्य समुदायों की संपत्तियों का भी भविष्य में यही हश्र होगा।
पुणे में गर्भवती तनीषा भिसे की मौत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान सीएम फडणवीस ने परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक एसओपी भी तैयार करेगी। बता दें कि पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने गर्भवती का इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी।
#WATCH | Maharashtra: On the incident of the alleged death of a pregnant woman, Tanisha Bhise, after being denied treatment by Pune's Deenanath Mangeshkar Hospital, CM Devendra Fadnavis says, "I met the victim's family. I have assured them that we have formed a committee. The… https://t.co/GgjVJbyfXz pic.twitter.com/NUljy6XnDu
— ANI (@ANI) April 5, 2025
दुष्कर्म के दो मामलों में आरोपी नासिक से गिरफ्तार
महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक महिला से बलात्कार करने और उसे धमकाने के आरोप में 52 वर्षीय एक व्यक्ति को पुलिस ने नासिक के एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। ठाणे पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को डोंबिवली निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ दो बलात्कार के मामले दर्ज हैं।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमरसिंह जाधव ने बताया कि 19 वर्षीय शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने 16 फरवरी से 29 मार्च के बीच कई मौकों पर डोंबिवली के दावडी इलाके में उसका यौन उत्पीड़न किया।
महिला ने दावा किया कि वह आरोपी से इंस्टाग्राम के जरिए मिली थी और उसने उसे मुंबई एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का वादा करके अपने कार्यालय बुलाया। अधिकारी ने बताया कि उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे बंदूक दिखाकर धमकाया और कहा कि वह उसके माता-पिता को नुकसान पहुंचाएगा और फिर उसके साथ बलात्कार किया।
मनपाड़ा पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ धारा 64 (बलात्कार), 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की और तिलक नगर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ बलात्कार का एक और मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार था।