मनसे समर्थकों ने फूंका रिक्शा, राज ठाकरे ने आंदोलन स्थगित किया
- मनसे प्रमुख ने परमिट देने पर दिया था विवादित बयान
- ऑटो रिक्शा फूंके जाने के बाद राज ने की अपील
- भड़काऊ भाषण के बाद मनसे कार्यकर्ता उग्र हो गए थे
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गैर-मराठियों को ऑटो रिक्शा परमिट देने के मुद्दे पर हिंसक आंदोलन की चेतावनी देने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने अचानक आंदोलन स्थगित कर दिया है। राज के आंदोलन स्थगित करने से पहले मनसे समर्थकों ने अंधेरी इलाके में एक ऑटो रिक्शा फूंक दिया।
शुक्रवार को राज ठाकरे ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें, जबकि एक दिन पहले उन्होंने मराठी मानुष का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि गैर-मराठियों का नया ऑटो रिक्शा दिखा, तो फूंक दिया जाएगा। राज ठाकरे के इस भड़काऊ बयान पर कांग्रेस-भाजपा और सपा के नेताओं की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू हो गई है।
राज ठाकरे के भड़काऊ भाषण के बाद मनसे कार्यकर्ता उग्र हो गए थे।
सिर्फ मराठी युवकों को परमिट मिले
बृहस्पतिवार की रात अंधेरी आरटीओ कार्यालय के करीब एक ऑटो रिक्शा जला दिया गया। आरोप है कि मनसे समर्थकों ने ऑटो में आग लगाई है। शुक्रवार को मनसे समर्थकों ने अंधेरी आरटीओ कार्यालय पर मोर्चा निकालकर गैर-मराठियों को नए परमिट देने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।
सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह अगले आदेश तक कानून अपने हाथ में न लें। नौ मार्च को मनसे के 10वें स्थापना दिवस पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने ऑटो रिक्शा जलाने को लेकर विवादित बयान दिया था।
उन्होंने शिवसेना पर आरोप लगाया था कि ऑटो परमिट के लिए सौदेबाजी हुई है। राज ने कहा था कि बजाज कंपनी के फायदे के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 70 हजार नए ऑटो परमिट जारी करने का फैसला किया है। राज ठाकरे का कहना है कि सिर्फ मराठी युवकों को परमिट मिलना चाहिए।