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नरभक्षी बेटा: मां की हत्या कर निकाले सारे अंग, कलयुगी कपूत को सजा-ए-मौत, वजह जानकर रह जाएंगे दंग
Fri, 09 Jul 2021 03:09 PM IST
डिंपल अलावाधी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Fri, 09 Jul 2021 03:09 PM IST
सार
35 वर्षीय शख्स ने 62 वर्षीय मां की हत्या की और उनके शव को चीरकर सारे अंग निकाल लिए। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की एक अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई है।
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मां की हत्या करने वाला नरभक्षी बेटा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
2017 में अपनी मां की हत्या करने और फिर उनके दिल, गुर्दे और आंतें निकालकर उसमें नमक-मिर्च लगाकर खाने वाले शख्स को स्थानीय अदालत ने मौत की सजा सुनाई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की एक अदालत ने मां की बर्बरतापूर्वक हत्या के मामले में 35 वर्षीय शख्स को मौत की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश जाधव ने इसे दुर्लभतम मामला बताया और सुनील कुचिकोरवी को मृत्युदंड सुनाया। सजा सुनाते हुए जाधव ने कहा कि ऐसा जघन्य मामला आज तक देखने को नहीं मिला है। इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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ये है पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार उसने अपनी 62 वर्षीय मां की हत्या की और उनके शव को चीरकर सारे अंग निकाल लिए। इसके नरभक्षण कृत्य होने का संदेह था, क्योंकि जब आरोपी पकड़ा गया था तो उसकी मां के अंग रसोई में नमक, तेल और मिर्च पाउडर लगे हुए पाए गए थे और उसके मुंह में खून था। बाद में उसने मां के अंग को खाने की बात कबूल भी की। लोक अभियोजक विवेक शुक्ला ने कहा कि घटना 28 अगस्त 2017 को हुई थी। वारदात के बाद से ही सुनील कुचिकोरवी जेल में बंद था। हालांकि, अभी सजा के खिलाफ अपील करने के उसके पास कई विकल्प मौजूद हैं।
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शराब के लिए पैसे नहीं देने पर की हत्या
दरअसल कुचिकोरवी शराब का आदी था। घटना वाले दिन उसने अपनी मां से शराब खरीदने के लिए कुछ पैसे मांगे थे और जब मां ने मना किया तो उसने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने उसके शरीर के दाहिने हिस्से को चीर दिया और दिल, किडनी, आंतों और अन्य अंगों को निकाल कर किचन के प्लेटफॉर्म पर रख दिया था। मामले में कम से कम 12 गवाहों से पूछताछ की गई और चूंकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, इसलिए अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर कुचिकोरवी को दोषी करार दिया। अदालत ने मामले को दुर्लभतम मानते हुए उसे मौत की सजा सुनाई।
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