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महाराष्ट्र में भाजपा के सामने अब है बागियों की चुनौती, साधने की कोशिश में फडणवीस

Mon, 07 Oct 2019 02:16 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 07 Oct 2019 02:16 AM IST
सार

  • 27 विधानसभा क्षेत्रों में 144 बागी नेताओं ने भरे पर्चे
  • बागियों को साधने में जुटे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
  • राज्य में 21 को मतदान, 24 को आ जाएंगे परिणाम
  • छोटा राजन के भाई ने चुनाव लड़ने से किया इनकार
  • इस्तीफा दे चुकीं उर्मिला से कांग्रेस ने फिर किया संपर्क

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Maharashtra Election : BJP facing challenge of rebels, CM Devendra Fadnavis is trying to handle
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)

विस्तार

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने विरोधियों से पहले बागियों ने निपटने की चुनौती खड़ी हो गई है। शिवसेना-भाजपा गठबंधन में 288 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। इसमें शिवसेना के 124, भाजपा के 150 और अन्य छोटी पार्टियों के 14 उम्मीदवार होंगे। लेकिन कई जगहों पर सीट बंटवारे से नाराज भाजपा नेताओं ने शिवसेना उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चे भरे हैं।

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सूत्रों के अनुसार भाजपा ने 27 विधानसभा क्षेत्रों में 144 बागियों की सूची बनाई है, जिन्हें शनिवार से ही समझाने की कोशिश चल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल मुंबई में हॉटलाइन पर उन्हें साधने के लिए प्रयासरत हैं। पाटिल ने मीडिया से कहा कि हम अपने लोगों को समझा रहे हैं कि गठबंधन में लड़ने के नियम-धर्म होते हैं। उनका पालन करना चाहिए।
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सूत्र बताते हैं कि बागियों को समझाया जा रहा है कि उन्हें नई सरकार बनने पर जिम्मेदारी दी जाएगी। लेकिन वे नहीं माने तो भविष्य में पार्टी में उनका कोई स्थान नहीं होगा। 21 अक्तूबर को राज्य में मतदान होगा। सोमवार सात अक्तूबर को उम्मीदवारों की नाम वापसी का अंतिम दिन है। भाजपा और शिवसेना राज्य में ‘अबकी बार 220 पार’ का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ रही हैं।
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भाजपा-शिवसेना के साथ चुनाव लड़ने से उनकी पार्टियों के नेताओं के लिए मौके कम हो गए। 2014 में दोनों अलग-अलग सभी 288 सीटों पर लड़े थे। इस बार गठबंधन में दोनों पार्टियों ने साथी पक्ष के लिए सीटें छोड़ीं। भाजपा में कांग्रेस-एनसीपी के कई नेता आए और उन्हें टिकट भी मिले। इससे कई भाजपा विधायकों के पत्ते कट गए और स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ गया। कोल्हापुर जिले के चंदवड में भाजपा के सबसे ज्यादा 9 बागियों ने पर्चे भरे हैं।

शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी में भी बगावत, लेकिन कम

ऐसा नहीं है कि शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी को बगावत का सामना नहीं करना पड़ रहा। लेकिन वहां संख्या भाजपा जितनी बड़ी नहीं है। इन पार्टियों में ज्यादातर वही नेता बागी हुए, जहां पारंपरिक वोट के बावजूद सीट दूसरे पक्ष को दे दी गई। ऐसे में भाजपा के विरोध में शिवेसना का उम्मीदवार है तो कांग्रेस के सामने एनसीपी का उम्मीदवार। सोमवार शाम तक चुनाव प्रत्याशियों और बागियों की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

राष्ट्रवाद के चलते महाराष्ट्र में भाजपा को बढ़त : सहस्त्रबुद्धे

राष्ट्रवाद के रथ पर सवार भाजपा इसी मंत्र के सहारे लगातार चुनावों में जीत हासिल कर रही है। महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे का कहना है कि राज्य में पार्टी द्वारा जाति की पहचान को राष्ट्रवाद की भावना से बदलने में मिली सफलता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फणडवीस की जाति निरपेक्ष छवि से पार्टी को फायदा मिल रहा है।

महाराष्ट्र से ही ताल्लुक रखने वाले सहस्त्रबुद्धे ने कहा, ‘राज्य की राजनीति हमेशा से जाति आधारित थी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में भाजपा सरकार ने प्रत्येक जाति समूह में अपनी पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। आज भाजपा ने राज्य में जाति की पहचान को सफलतापूर्वक खत्म करके उसे एक मजबूत राष्ट्रवाद की भावना में बदल दिया है।'

उन्होंने कहा, 'एक समय विपक्षी दल भाजपा को सिर्फ ब्राह्मणों और वैश्यों की पार्टी कहते थे, लेकिन अब कांग्रेस और एनसीपी के मजबूत गढ़ रहे उत्तरी और पश्चिमी महाराष्ट्र में भाजपा की मजबूत पकड़ है।’ सहस्त्रबुद्धे ने राज्य में पार्टी के विस्तार में फणडवीस के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ अपने क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि पूरे राज्य का विकास सुनिश्चित किया।

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना दशहरे पर शुरू करेंगे प्रचार

महाराष्ट्र में मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ रही भाजपा-शिवसेना ने प्रचार का मुहूर्त निकल लिया है। दशहरे पर आठ अक्तूबर को दोनों पार्टियों के नेता बीड व मुंबई में प्रचार का बिगुल फूंकेंगे। 

विजयदशमी के अवसर पर बीड जिले के सावरगांव में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सभा होगी, जबकि मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पारंपरिक विजयदशमी सभा को संबोधित करेंगे। 

एनसीपी प्रमुख शरद पवार पहले ही राज्य भर का दौरा शुरू कर चुके हैं, जबकि कांग्रेस ठंडी पड़ी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि पार्टी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के आने से ही थोड़े हालात संभल सकते हैं।

मुंबई में 19 से 21 और 24 अक्तूबर को शराब बिक्री नहीं

राजधानी मुंबई में विधानसभा चुनाव को देखते हुए 19 से 21 अक्तूबर और 24 अक्तूबर को शराब की बिक्री पर रोक रहेगी और सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। कलेक्टर कार्यालय से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

यदि लाइसेंसधारी दुकानों से इस दौरान शराब बिक्री हुई तो उसका लाइसेंस स्थायी तौर पर रद्द कर दिया जाएगा। शराब की बिक्री पर रोक का आदेश 19 अक्तूबर को शाम छह बजे से लागू हो जाएगा और 21 अक्तूबर के पूरे दिन तक लागू रहेगा। इसी तरह से 24 तारीख को भी पूरे दिन शराब बिक्री पर रोक रहेगी।

इस्तीफा दे चुकीं उर्मिला से कांग्रेस ने फिर किया संपर्क

कांग्रेस ने अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर को महाराष्ट्र चुनाव में प्रचार के लिए आमंत्रित किया है। मई में कांग्रेस के टिकट पर उत्तर मुंबई से लोकसभा चुनाव लड़ने वाली उर्मिला ने राज्य में पार्टी में गुटबाजी के आरोप लगाते हुए पिछले महीने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। खबर है कि मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष एकनाथ गायकवाड़ ने उर्मिला से फोन पर संपर्क कर उनसे चुनाव प्रचार करने का अनुरोध किया। उर्मिला ने जवाब देने के लिए दो दिन का समय मांगा है।

 

मराठवाड़ा क्षेत्र से 1905 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा

महाराष्ट्र के आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में 46 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 1905 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक नांदेड़ जिले में नौ निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 492 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा। वहीं हिंगोली जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में सबसे कम 83 नामांकन दाखिल हुए हैं।

नांदेड़ और हिंगोली के अलावा मराठवाड़ा क्षेत्र में औरंगाबाद, बीड, जालना, परभनी, लातूर और ओस्मानाबाद जिले हैं। नांदेड़ जिले के भोकर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 147 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। इस सीट पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

इसी जिले में मुखद निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम केवल 15 नामांकन भरे गए हैं। आयोग के मुताबिक नामांकन के आखिरी दिन 4 अक्तूबर को 1309 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। राज्य में 21 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए नाम वापस लेने का आखिरी दिन 7 अक्तूबर है।

छोटा राजन के भाई ने चुनाव लड़ने से किया इनकार

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के भाई दीपक निकलजे ने सातारा के फलटण सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। रामदास आठवले की आरपीआई (ए) ने उन्हें टिकट दिया था, जिसकी तीखी आलोचना हुई थी। बाद में फलटण से दिगंबर अगवाने को उतारा गया। 

इसके बाद आरपीआई (ए) के उपाध्यक्ष निकलजे ने जारी बयान में कहा कि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने से इनकार किया है, क्योंकि वह मुंबई के चेंबूर से उतरना चाहते थे, लेकिन बंटवारे में वह सीट शिवसेना के पास चली गई।

हटाई गईं 5127 अवैध होर्डिंग, तीन एफआईआर दर्ज

राज्य चुनाव आयोग द्वारा मुंबई उपनगरीय जिले में तैनात फ्लाइंग स्क्वाड ने राज्य में आचार संहिता के लागू होने से अब तक 9.54 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य वस्तुएं जब्त की हैं। इसके अलावा स्क्वाड ने जिले के विभिन्न इलाकों से 5127 अवैध होर्डिंग भी हटाई हैं। सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने को लेकर तीन एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

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