Lockdown: महाराष्ट्र- भिवंडी से सीएम योगी के जिले गोरखपुर के लिए रवाना हुई विशेष ट्रेन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई महानगर में भारी संख्या में फंसे प्रवासियों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। शनिवार को भिवंडी रोड रेलवे स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिला गोरखपुर के लिए रवाना की गई। विशेष ट्रेन चलने की सूचना पर करीब 3 से 4 हजार प्रवासी जमा हो गए। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस के पसीनें छूट गए।
दरअसल, जिलाधिकारी के माध्यम से सीधे रेलवे बोर्ड से संपर्क कर विशेष ट्रेन चलाने की व्यवस्था की गई है। शनिवार को मध्य रेलवे के डीआरएम, जिलाधिकारी ठाणे, डीसीपी, भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका आयुक्त सहित पुलिस कमिश्नर ने 11 बजे भिवंडी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। वहीं, सुबह से ही गोरखपुर जाने वाले हजारो मजदूर आधार कार्ड लेकर फार्म भरकर पुलिस थाने में जमा हो गए।
भिवंडी नारपोली के सीनियर इंस्पेक्टर मालोजी शिंदे ने प्रवासियों से सोशल डिस्टेंसिंग और मुंह पर मास्क लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन भिवंडी से गोरखपुर के बीच चलाई जा रही है। इसलिए गोरखपुर जाने वाले यात्री ही इस ट्रेन में बैठे। बाकी जिलों के प्रवासियों के लिए शीघ्र ही शासन द्वारा व्यवस्था के बारे में सूचित किया जाएगा।
- पुलिस थाने में प्रवासियों से लिए जा रहे हैं आवेदन
मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी प्रणय अशोक ने बताया कि स्थानीय पुलिस थाने से आवेदन से जुड़ा पत्र हासिल किया जा सकता है या इसे पुलिस की वेबसाइट से ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है। गांव जाने के इच्छुक सभी लोगों को पुलिस थाने जाने की जरूरत नहीं है। समूह में से दो लोगों को ग्रुप लीडर चुना जा सकता है जो खुद की और बाकी लोगों की जानकारी आवेदन में दें।
जोनल डीसीपी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आवेदन के साथ सभी लोगों को डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट लेना होगा, जिसमें यह प्रमाणित होगा कि व्यक्ति को सर्दी बुखार जैसी कोई शिकायत नहीं है। सभी आवेदन संबंधित राज्य के नोडल अधिकारी के पास भेजे जाएंगे। मंजूरी के बाद जिसे ट्रेन का टिकट मुहैया कराया जाएगा वही विशेष ट्रेनों में सवार हो सकेंगे।
- निजी वाहन के लिए भी मिलेगी अनुमति
जो प्रवासी निजी वाहन से जाना चाहते हैं उन्हें भी वाहन और ड्राइवर से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। उन्हें भी गांव जाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी एके जैन ने बताया कि जिलाधिकारी अपने इलाके के प्रवासियों की सूची तैयार कर रेलवे बोर्ड से सीधे संपर्क कर रहे हैं।
रेलवे बोर्ड वहां के जिलाधिकारी से संपर्क करता है और मंजूरी मिलने के बाद विशेष रेलगाड़ी दोनों जिलों के बीच चलाई जा रही है। जैन ने बताया कि जिलाधिकारी ही एक साथ टिकटों की बुकिंग करते हैं। जिला प्रशासन जिन लोगों को टिकट देता है उन्हें ही ट्रेन में दाखिल होने दिया जाता है। 72 शायिका वाले एक डिब्बे में सुरक्षित दूरी को ध्यान में रखते हुए 52 सीटें ही बुक की जा रहीं हैं। बीच वाली सीटें खाली रखीं जा रहीं हैं।
- बाहरी आधार कार्ड पर ही अनुमति
मुंबई के प्रवासी मजदूरों, शहर में फंसे पर्यटकों और विद्यार्थियों को ही बाहर जाने की इजाजत दी जा रही है। मुंबई शहर के प्रभारी मंत्री असलम शेख ने बताया कि जिन लोगों के पास मुंबई में स्थायी निवास है और उनके पास यहां का आधार कार्ड है वे विशेष ट्रेनों से नहीं जा सकेंगे। विशेष ट्रेन से अपने गांव जाने के लिए वहां का आधार कार्ड व अन्य परिचय पत्र होना चाहिए।